घुसपैठियों के मुद्दे पर सिर्फ बयानबाजी क्यों....अगर घुसपैठ है तो कार्रवाई क्यों नहीं ?

बिहार की सियासत में घुसपैठियों के मुद्दे पर सियासी घमासान मचा है। हर रोज घुसपैठियों के मुद्दे पर नए-नए बयान सामने आ रहे हैं और वार-पलटवार का दौर जारी है। बुधवार को बिहार सरकार में राजस्व मंत्री रामसूरत राय ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि सीमांचल के इलाकों में स्थानीय लोगों के द्वारा घुसपैठियों को बसाया जा रहा है और जमीन की अवैध खरीद बिक्री की जा रही है, जिसकी जांच विभाग करा रहा है।
हालांकि बीजेपी नेता और मंत्री रामसूरत राय के इस दावे की हवा उनके सहयोगी पार्टी जेडीयू के नेता गुलाम रसूल बलियावी ने निकाल दी। गुलाम रसूल बलियावी ने करारा पलटवार करते हुए कहा कि किसी के मन में और दिल में कोई घुसपैठ हो तो उसकी कोई दवा नहीं।
दरअसल घुसपैठियों को लेकर बिहार में छिड़ी सियासी चर्चा के पीछे वजह वो चिट्ठी है, जो हाल ही में किशनगंज डीएम की तरफ से निकाली गई है। जिसमें अवैध प्रवासियों के बारे में सूचना देने की अपील की गई है। वहीं इसी तरह की चिट्ठी सिवान एसपी की ओर से भी निकाली गई है। हालांकि ये चिट्ठी 18 अगस्त को पटना हाईकोर्ट के दिए आदेश को लेकर निकाली गई है।
पटना हाई कोर्ट ने 18 अगस्त को दिए अपने आदेश में बिहार सरकार से अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर जागरूकता लाने के लिए कहा था। अपने आदेश में हाई कोर्ट ने बिहार सरकार को स्थायी हिरासत केंद्र बनाने की योजना पेश करने के लिए भी कहा है। पटना हाई कोर्ट ने एक अवैध प्रवासी महिला की तरफ़ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है। इस महिला को पटना रेलवे स्टेशन पर अक्तूबर 2015 में रेलवे पुलिस ने हिरासत में लिया था. इस महिला को पटना के नारी निकेतन में रखा गया था। जिसके बाद वापस बांग्लादेश भेजा जा चुका है. हालाँकि हाई कोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई अभी चल रही है।

हाईकोर्ट के इसी आदेश के बहाने एआईएमआईएम चीफ असदद्दीन ओवैसी ने नीतीश सरकार पर वार किया और कहा कि हाईकोर्ट में नीतीश सरकार को बताना चाहिए था कि घुसपैठ का कोई मामला नहीं है। जिसके जवाब में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने करारा पलटवार किया और कह दिया कि बिहार में घुसपैठिया हैं और हाईकोर्ट के आदेश पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। ज़ाहिर है बिहार में घुसपैठियों के बहाने अपने-अपने सियासी हित साधने की कोशिश की जा रही है और सियासत के निशाने पर मुस्लिम बहुल क्षेत्र सीमांचल है। सवाल है कि क्या घुसपैठिया सिर्फ बहाना है, मकसद अपनी-अपनी सियासत सिर्फ चमकाना है।

सुमित झा, कशिश न्यूज.