
रविवार, 20 सितंबर 2026
Liveपटना: बिहार में जमाबंदी सुधार एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान की निगरानी अब मुख्यालय स्तर से भी की जा रही है. शनिवार को मुख्यालय से 16 अधिकारियों को राज्य के 16 जिलों के 32 अंचलों में औचक निरीक्षण के लिए भेजा गया. अधिकारियों ने अंचल कार्यालयों में पहुंचकर अभियान की जमीनी प्रगति की पड़ताल की.निरीक्षण के दौरान जमाबंदी में दर्ज त्रुटियों के सुधार,रिक्त प्रविष्टियों को भरने और लंबित उत्तराधिकार नामांतरण मामलों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई. इसके साथ ही अंचल कार्यालयों में संचालित ऑनलाइन सेवाओं और अभिलेखागार में रिकॉर्ड के रखरखाव एवं संधारण की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि विशेष अभियान केवल कागजों पर नहीं,बल्कि धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हो. अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में अभियान से जुड़े कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है.बिहार में यह 45 दिवसीय विशेष अभियान 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चल रहा है. इसके तहत जमाबंदी अभिलेखों को दुरुस्त करने और उत्तराधिकार नामांतरण के लंबित मामलों का निष्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.औचक निरीक्षण के दौरान नवंबर में वासविहीन परिवारों को पर्चा निर्गत करने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. मुख्यालय स्तर से यह देखा जा रहा है कि अंचलों में अभियान की वास्तविक प्रगति क्या है और निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए कहां तेजी की जरूरत है.राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि 31 अक्टूबर तक जमाबंदी की त्रुटियों का सुधार लक्ष्य है. अधिकारियों को गंभीरता और जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
Patna : पटना हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी भाषा की मर्यादा न भूलें', डीएम की व्यक्तिगत टिप्पणी हटाई.नाली विवाद में पूर्व कुलपति को मिली बड़ी राहत देते हुए हाईकोर्ट ने कहा प्रतिष्ठा इंसान का सबसे बड़ा धन है. हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि अर्द्ध-न्यायिक मामलों की सुनवाई के दौरान अधिकारियों को भाषा की मर्यादा बनाए रखनी होगी.बिना किसी ठोस आधार के किसी नागरिक के चरित्र, नैतिकता या मानसिकता पर टिप्पणी करना शक्तियों का दुरुपयोग है. हाईकोर्ट के जस्टिस आलोक कुमार की एकल पीठ ने सीतामढ़ी के पूर्व डीएम द्वारा संस्कृत विद्वान एवं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. देव नारायण झा के खिलाफ दिए गए व्यक्तिगत बयानों और टिप्पणियों को आदेश पत्र से हटाने का निर्देश दिया है. रीगा प्रखंड (सीतामढ़ी) निवासी डॉ. देव नारायण झा ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकारी योजना से बनी नाली के रिसाव से उनके खेत में पानी भर रहा है. इससे खेती का नुकसान हो रहा है. ये मामला जब द्वितीय अपीलीय प्राधिकरण,यानी सीतामढ़ी के तत्कालीन जिलाधिकारी के पास पहुंचा, तो25फरवरी,2023को डीएम ने याचिका खारिज करने के साथ ही याचिकाकर्ता पर टिप्पणी कर दी. आदेश में लिखा गया कि याचिकाकर्ता की मानसिकता पड़ोसी एससी/एसटी समुदाय के लोगों को प्रताड़ित करने की है. याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि डॉ. झा संस्कृत के जाने-माने विद्वान और पूर्व कुलपति रह चुके हैं. बिना किसी साक्ष्य के इस प्रकार की आधारहीन टिप्पणी से समाज में उनकी प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इंसान की सामाजिक प्रतिष्ठा और नाम के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रसिद्ध नाटककार विलियम शेक्सपियर के नाटक ओथेलो के संवादों को उद्धृत किया. "अच्छा नाम ही स्त्री और पुरुष की आत्मा का सबसे अनमोल गहना है... जो मेरी तिजोरी चुराता है, वह केवल कूड़ा चुराता है; लेकिन जो मेरा अच्छा नाम छीन लेता है, वह मुझसे वो छीन लेता है जो उसे समृद्ध नहीं बनाता, लेकिन मुझे सचमुच कंगाल कर देता है."हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यद्यपि भौतिक निरीक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर जलजमाव की शिकायत में हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है, लेकिन डीएम द्वारा याचिकाकर्ता पर की गई अवांछित टिप्पणी को हटाया जाता है. कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के'ए.एम. माथुर बनाम प्रमोद कुमार गुप्ता' मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे सेना में अनुशासन जरूरी है, वैसे ही न्याय प्रशासन में संयम आवश्यक है. अर्द्ध-न्यायिक अधिकारियों का काम केवल मामले के कानूनी तथ्यों का निपटारा करना है, न कि किसी पक्षकार के व्यक्तिगत चरित्र पर आक्षेप लगाना.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना: बिहार के लोक सेवक आवास स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बॉलीवुड फिल्म‘The Vvaan’ की टीम ने आत्मीय मुलाकात की. फिल्म के अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा, अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, प्रसिद्ध निर्माता एकता कपूर समेत फिल्म की कास्ट मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची.इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फिल्म की टीम के साथ बिहार की लोककथा और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा की.‘The Vvaan’ को बिहार की लोककथा पर आधारित बॉलीवुड फिल्म के रूप में बताया गया है. फिल्म के जरिए बिहार की लोक संस्कृति और लोककथाओं से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने की पहल की जा रही है.मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा, अभिनेत्री तमन्ना भाटिया और निर्माता एकता कपूर समेत फिल्म से जुड़े अन्य कलाकार मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने फिल्म की पूरी टीम का स्वागत किया और भारतीय सिनेमा में बिहार की लोक परंपराओं और कथाओं को स्थान मिलने को महत्वपूर्ण बताया.फिल्म की टीम ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपनी मुलाकात को लेकर खुशी जताई. इस दौरान बिहार की संस्कृति, लोककथाओं और फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बातचीत हुई.बिहार की लोककथाएं और सांस्कृतिक परंपराएं लंबे समय से देश की समृद्ध लोक विरासत का हिस्सा रही हैं. ऐसे में बड़े बॉलीवुड कलाकारों और निर्माता से जुड़ी फिल्म में बिहार की लोककथा को विषय बनाए जाने से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के25वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया. इस अवसर पर बिहार राज्य महिला आयोग की25वर्षों की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी. रजत जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री ने डाक विभाग के सहयोग से बिहार राज्य महिला आयोग पर विशेष डाक टिकट जारी किया तथा आयोग की स्मारिका का विमोचन किया.इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं और उनकी बढ़ती आर्थिक,सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी राज्य के बदलते स्वरूप की महत्वपूर्ण तस्वीर है. पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को50प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से उनकी भागीदारी को नई मजबूती मिली है. उन्होंने कहा कि जीविका ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता,प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाएं सिलाई,मुर्गी पालन,बकरी पालन तथा अन्य गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है. पोशाक योजना के तहत विद्यार्थियों को राशि देने के स्थान पर जीविका दीदियों द्वारा तैयार किये गये पोशाक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है,जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मैट्रिक,इंटर एवं स्नातक स्तर पर प्रोत्साहन योजनाएं संचालित हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को भी सहायता दी जा रही है. बालिका पी०एच०डी० फेलोशिप के माध्यम से प्रत्येक वर्ष1,000छात्राओं को10हजार रूपये प्रतिमाह उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है. महिलाओं की उच्च शिक्षा को और व्यापक बनाने के लिए महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. महिला सुरक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में'पुलिस दीदी'की व्यवस्था की गई है. स्कूल-कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है,ऐसा करनेवाला बिहार पहला राज्य है.मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राज्य महिला आयोग केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित न रहे,बल्कि महिलाओं की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए सरकार को नियमित रूप से सुझाव भी दे. उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय तथा महिलाओं को सामाजिक,आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने में आयोग की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण बिहार की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है. मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य महिला आयोग के25वें स्थापना दिवस पर आयोग से जुड़ी सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा विश्वास व्यक्त किया कि आयोग अपनी स्वर्ण जयंती तक महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके अधिकार एवं सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा.समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संबोधित किया.इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रीगण,जनप्रतिनिधिगण,वरीय अधिकारी,भारतीय डाक विभाग के पदाधिकारी,बिहार राज्य महिला आयोग से जुड़ी महिलाएं एवं विभिन्न जिलों से आई बड़ी संख्या में महिलाएं तथा आमजन उपस्थित थे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में जेडीयू में अंदरूनी मतभेद की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने शनिवार को बड़ा बयान दिया. पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पार्टी में किसी भी स्तर पर मतभेद से इनकार किया. ललन सिंह ने कहा कि जेडीयू में सबकुछ ठीक है और पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र के साथ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय है.ललन सिंह ने शुक्रवार को पटना में आयोजित जेडीयू विधानमंडल दल के सदस्यों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे. उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुजरात में थे और उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों ने फोन कर कार्यक्रम में नहीं आने का कारण पूछा था.ललन सिंह के मुताबिक,शुक्रवार रात उनकी स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से भी बातचीत हुई. वहीं,पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार ने उन्हें बताया कि विधायकों के लिए आयोजित कार्यक्रम सामान्य प्रकृति का था.विधान परिषद चुनाव को लेकर मोकामा विधायक अनंत सिंह के बयान पर भी ललन सिंह से सवाल किया गया. अनंत सिंह ने पटना स्नातक क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार को हराने की बात कही है. इस पर ललन सिंह ने सीधे टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इसका जवाब वही लोग देंगे,जिन्होंने यह बयान दिया है.ललन सिंह ने यह भी कहा कि वह स्थापना काल से जेडीयू से जुड़े हैं और पार्टी पहले की तरह एकजुट है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
कटिहार: बड़ी खबर बिहार के कटिहार से है जहां पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से देसी पिस्टल,मैगजीन में एक जिंदा गोली,9.6 ग्राम स्मैक,पांच मोबाइल फोन,2,311 रुपये नकद और दो मोटरसाइकिल बरामद हुई हैं. पुलिस ने एक विधि-विरुद्ध बालक को भी पकड़ा है.मामले में डीएसपी सद्दाम हुसैन ने बताया कि मनिहारी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि महियारपुर स्थित ईंट भट्ठे के पीछे कुछ अपराधी किसी बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं. इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की. पुलिस को देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे जिन्हें खदेड़कर पकड़ा गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. तनवीर,मो. मुशरलीम,पवन कुमार चौधरी,विकास कुमार,अंकित कुमार और प्रीतम कुमार के रूप में हुई है. इनके पास से हथियार,मादक पदार्थ,मोबाइल और नकदी बरामद की गई. पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.कटिहार से रितेश कुमार की रिपोर्ट-
भागलपुर : बिहार के भागलपुर में महान साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. उनके ननिहाल गांगुली बाड़ी, माणिक सरकार में आयोजित कार्यक्रम में साहित्य, समाज और उनके जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई. इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार के सदस्यों को सम्मानित भी किया गया.भागलपुर के माणिक सरकार स्थित गांगुली बाड़ी में महान साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की 150वीं जयंती के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन बिहार बंगाली समिति, बरारी शाखा, भाषा-कृष्टि मिलन मेला एवं शरत द्वार निर्माण समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षाविद् राजीव कांत मिश्रा, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अंकित कुमार समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.इस दौरान वक्ताओं ने शरच्चंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन,व्यक्तित्व और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की. वक्ताओं ने कहा कि शरतचंद्र का साहित्य मानवीय संवेदनाओं,सामाजिक यथार्थ और आम जनजीवन से गहराई से जुड़ा रहा है.कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन हुआ. पैमी अम्बस्ट,श्वेता सुमन,संगीता दास और करण सिंह ने गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया. इस अवसर पर शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के ममेरे भाई के पुत्र शांतनु गांगुली,उज्ज्वल गांगुली,अपर्णा गांगुली,माला गांगुली,समुज्ज्वल गांगुली और उनकी पुत्री रेमी गांगुली को चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. शरत द्वार पर श्रद्धांजलि मुख्य कार्यक्रम के बाद सभी सदस्य शरत द्वार पहुंचे,जहां शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. शंखध्वनि के बीच साहित्यकार की स्मृति को नमन किया गया.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी,सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग मौजूद रहे. पूरे कार्यक्रम का संचालन तापस घोष ने किया.शरतचंद्र चट्टोपाध्याय की साहित्यिक विरासत और उनके मानवीय सरोकारों को याद करते हुए लोगों ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट-
पटना:लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से24सितंबर को पटना के वेटनरी ग्राउंड में‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बिहार के युवाओं, खासकरGen-Z, से सीधे संवाद करेंगे.पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि‘Youth BOLE TO’ का उद्देश्य युवाओं को अपनी बात खुलकर रखने के लिए मंच उपलब्ध कराना है. कार्यक्रम में युवा शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर अपने सवाल और सुझाव रख सकेंगे.इसके अलावा डिजिटल युग की चुनौतियों और भविष्य से जुड़े विषयों पर भी चिराग पासवान के साथ सीधा संवाद होगा. पार्टी का कहना है कि युवाओं की बदलती आकांक्षाओं और चुनौतियों को समझने के लिए यह पहल की जा रही है.प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने कहा कि युवा केवल भविष्य की शक्ति नहीं, बल्कि वर्तमान में भी देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उनकी सोच और सुझावों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है.कार्यक्रम के आयोजन और समन्वय की जिम्मेदारी पार्टी के युवा प्रकोष्ठ को सौंपी गई है. युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कार्यक्रम संयोजक की भूमिका निभाएंगे. पार्टी पदाधिकारियों, युवा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई है.पार्टी के मीडिया प्रभारी निशांत मिश्रा ने इसे युवाओं की बात सुनने और उनकी आकांक्षाओं को समझने की पहल बताया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना तारामंडल में‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत‘Seva First Innovation Challenge (East Zone)’ का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज पोर्टल का लोकार्पण किया और 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने इनोवेशन प्रदर्शनी का अवलोकन कर युवा उद्यमियों से उनके स्टार्टअप और उत्पादों की जानकारी ली.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है. युवाओं की ऊर्जा और तकनीकी क्षमता को विकास की ताकत बनाकर बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नवाचार और विकास की सोच सभी को प्रेरित करती है.मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में करीब एक हजार उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है और अगले पांच वर्षों में 10 हजार उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए उद्योग और स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जा रहा है.शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के जरिए लाइव क्लास, NEET-JEE तैयारी और 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध है. उनके अनुसार, रात एक बजे भी 1.42 लाख बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं और 75 हजार शिक्षक इनरॉल्ड हैं.मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि एक करोड़ महिलाओं को‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य है. साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों कोDBT से सहायता देने की जानकारी दी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक माह का वेतन2लाख70हजार रूपये का चेक प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित'संकल्प' में अपने एक माह के वेतन का चेक मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को सौंपा है.मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों, समाज के समृद्ध एवं समर्थ लोगों से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री राहत कोष में अधिक से अधिक राशि दान करें ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों की अधिक से अधिक मदद की जा सके.मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद लोगों की सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है. समाज के सक्षम लोगों की सहभागिता से राहत एवं सहायता के कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में विधान परिषद चुनाव से पहले जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि उनका विरोध पार्टी से नहीं,बल्कि जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार से है.अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार को हराने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने डॉ. अनुज सिंह के समर्थन की बात कही है. अनुज सिंह के पटना स्नातक सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है. अनंत सिंह ने दावा किया कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तीन जिलों और 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक मौजूद हैं.दोनों नेताओं के बीच विवाद पहले भी सामने आ चुका है. विवाद सुलझाने के लिए 7 सितंबर को जेडीयू कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की मौजूदगी में दोनों नेताओं के बीच करीब 35 मिनट तक बैठक हुई थी. बैठक के बाद मतभेद खत्म होने के संकेत दिए गए थे,लेकिन अब अनंत सिंह ने फिर नीरज कुमार के खिलाफ खुला रुख अपना लिया है.अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर पुराने चुनावों में विरोध करने का आरोप भी लगाया है. इसके अलावा उन्होंने एक मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए नीरज कुमार के नार्को टेस्ट की मांग की थी. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.नीरज कुमार ने आरोपों के जवाब में कहा है कि यदि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य है तो अनंत सिंह अदालत में पेश करें. पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार लगातार तीन बार निर्वाचित हो चुके हैं.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना: जेडीयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है. शनिवार को नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों पर तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अनंत सिंह अलग-अलग लोगों पर उन्हें फंसाने के आरोप लगाते रहे हैं. कभी आरसीपी सिंह,कभी ललन सिंह,कभी लिपि सिंह और कभी बिहार सरकार पर आरोप लगाए जाते हैं.नीरज कुमार ने कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई अपराध या आरोप है तो अनंत सिंह कोर्ट में उसके साक्ष्य पेश करें. उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रमाण देना चाहिए. नीरज कुमार ने यह भी कहा कि ऐसा नहीं किया गया तो राजनीति में अनंत सिंह के दावों पर सवाल उठेंगे.अनंत सिंह के इस दावे पर कि उन्होंने नीरज कुमार को नेता बनाया और चुनाव जिताया,नीरज कुमार ने पलटवार किया. उन्होंने सवाल उठाया कि समता पार्टी में अनंत सिंह का राजनीतिक जन्म कब हुआ. साथ ही उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले व्यक्ति को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था.निशांत कुमार के विरोध से जुड़े सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि अनंत सिंह की राजनीति के पीछे निशांत के विरोध की मंशा है. उन्होंने कहा कि निशांत के पार्टी नेता बनने के बाद निशांत और सम्राट चौधरी की जोड़ी को कौन हिला सकता है.नीरज कुमार ने अनंत सिंह की शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह उनका समर्थन क्यों लेंगे. उन्होंने 2019 के चुनाव परिणाम का भी हवाला दिया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
भागलपुर: बड़ी खबर भागलपुर से है जहां बबरगंज थाना क्षेत्र के कुतुबगंज मोहद्दीनगर निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष पप्पू तांती हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. मामले में मुख्य आरोपी शशि मोदी के भांजे कृष्णा मोदी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. वहीं पुलिस ने हत्याकांड में शामिल एक शूटर समेत एक लाइजनर को गिरफ्तार कर लिया है.गिरफ्तार आरोपियों में कुतुबगंज निवासी सुमन कुमार और मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी शूटर नितीश कुमार शामिल है. पुलिस के अनुसार इस हत्याकांड में अब तक आठ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.मामले में एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने प्रेस वार्ता में बताया कि पप्पू तांती की हत्या के लिए शशि मोदी ने तीन लाख रुपये की सुपारी दी थी. घटना के दिन शशि मोदी अपने घर पर मौजूद था और वारदात को अंजाम देने वाले लोगों के संपर्क में था. पुलिस का कहना है कि इस कांड में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं. मुख्य आरोपी शशि मोदी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. वहीं अन्य आरोपियों को भी रिमांड पर लेने की प्रक्रिया जारी है. फरार दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.भागलपुर से डबलू कुमार की रिपोर्ट-
पटना :बिहार के सहरसा में पत्रकारों के साथ बदसलूकी के मामले में श्रमजीवी पत्रकार यूनियन और युवा पत्रकार संघ के द्वारा बिहार के स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर डॉक्टर एस के आजाद के माफिया गिरी और पुराने कारनामों को लेकर शिकायत किया था. इसमें उनके सहरसा में रहने पर मामले की जांच प्रभावित होने की आशंका जताते हुए सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का आरोप लगाया था. जिस पर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल उन्हें सहरसा से हटाते हुए मुख्यालय बुला लिया गया है. हालांकि पत्रकार के साथ विवाद और पुराने मामले को लेकर अभी भी जांच चालू है और बहुत जल्द रिपोर्ट आने के बाद उनके ऊपर कठोर कार्रवाई करने की आश्वासन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा दिया जा रहा है.बता दें कि श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव मुकुंद कुमार सिंह और युवा पत्रकार संघ के अध्यक्ष कुंदन कुमार ने यूनियन के दर्जनों सदस्यों के साथ स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर डॉक्टर एसके आजाद और अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी के पुराने कारनामों को प्रमुखता से उनके सामने रखा और यह आरोप लगाया कि पहले भी उनके ऊपर कई अन्य मामले को लेकर आरोप लगे और जांच में क्या हुआ यह फाइलों में ही रह गई. इस बार भी ऐसा ही कुछ हो रहा है. डॉ. एसके आजाद अभी भी सहरसा अस्पताल में मौजूद हैं और सबूत मिटाने का प्रयास कर रहा है. जिस तरीके से अस्पताल में मारपीट का सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो गया, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. सहरसा सदर अस्पताल में डॉक्टर एसके आजाद अपने गुंडों के साथ बैठकर माफिया गिरी कर रहा है. उन्हें तत्काल वहां से हटकर जांच शुरू किया जाए. नहीं तो पत्रकार और पब्लिक में आक्रोश बढ़ रहा है. कहीं कोई अप्रिय घटना न घट जाए.यह वही डॉक्टर एसके आजाद हैं जिन्होंने इलाज के दौरान मरीज के पेट में चाकू छोड़ दिया था और तो और इलाज में लापरवाही के कारण मरीज की मौत के बाद पूरा सहरसा इनके खिलाफ प्रदर्शन करने लगा था. उस वक्त भी जिला प्रशासन के द्वारा जांच कमेटी बनाई गई थी और जांच में क्या हुआ यह पता नहीं. लेकिन डॉक्टर एसके आजाद आज भी सहरसा में पदस्थापित हैं. साथ ही यह भी आरोप उन पर लगाया गया था कि वह निजी अस्पताल भी चलाते हैं और सरकारी अस्पताल में आए मरीजों को बहला कर अपने अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए भेजते हैं.वहीं अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत किया गया था कि पूर्णिया में जब वह अस्पताल प्रबंधन के रूप में तैनात थी, तब उन पर कई तरह के आरोप लगे थे और शैक्षणिक योग्यता को लेकर भी सवाल उठे थे. वर्ष 2017 में हुई जांच के दौरान सिंपी कुमारी के शैक्षणिक अभिलेखों की भी जांच की गई थी. जांच रिपोर्ट के अनुसार,उन्होंने दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से मानव भारती विश्वविद्यालय,सोलन (हिमाचल प्रदेश) से एमबीए की डिग्री प्राप्त की थी. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि यह नियमित पाठ्यक्रम नहीं था और डिग्री में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन का उल्लेख नहीं था. इसके अलावा,संबंधित पद के लिए निर्धारित दो वर्ष के इंटर्नशिप अनुभव को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. जांच समिति ने कथित तौर पर यह राय दी थी कि पद के लिए निर्धारित योग्यता पूरी नहीं होने की स्थिति में सिंपी कुमारी का उक्त पद पर बने रहना उचित नहीं है. फिर भी उनका ट्रांसफर सहरसा सदर अस्पताल में कैसे हो गया, यह भी पूरे जांच का विषय है.पूरे मामले को गंभीरता से सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने यह आश्वासन दिया था कि बहुत जल्द पूरे मामले की पुनः जांच करवाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पहली कार्रवाई के रूप में डॉ. एस के आजाद को वहां से हटा दिया गया. अब देखना होगा आगे की जांच में लापरवाही और भ्रष्टाचार में सहयोग करने वाले कितने चेहरे बेनकाब होते हैं.हालांकि डॉक्टर एसके आजाद पर स्वास्थ्य विभाग ने जैसे ही शिकंजा कसना शुरू किया वैसे ही डॉक्टर संगठन की भी आवाज निकलने लगी. संगठन ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए स्वास्थ्य विभाग के इस आदेश को वापस लेने की धमकी देते हुए कहा कि अगर आदेश वापस नहीं होता है तो आंदोलन होगा.डॉक्टर एसोसिएशन के द्वारा जारी किए गए इस बयान पर बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव मुकुंद कुमार सिंह ने कहा कि इस बार डॉक्टर की धमकी से सरकार भले ही झुक जाए पर पत्रकार नहीं झुकने वाला है. जो डॉक्टर खुद को बिहार के भगवान और मठाधीश समझते हैं उनके भी कारनामों की फाइलें पत्रकारों के पास है. एक-एक कर अगर खोलना शुरू कर दिया तो सरकार से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक बेनकाब हो जाएगा. वहीं युवा पत्रकार संघ के अध्यक्ष कुंदन कुमार ने कहा कि पत्रकारों के साथ बदसलूकी मामले में अगर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो पत्रकार यूनियन उनके काले कारनामे को लेकर न्यायालय जाएगी. लेकिन किसी भी तरीके से इस बार मामले को ठंडे बस्ते में डालने नहीं दिया जाएगा.
सीवान/छपरा:बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई है. राष्ट्रीय जनता दल ने इस सीट से प्रो. जयराम यादव को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है. वहीं जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से ई. आनंद पुष्कर को एनडीए प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा गया है.RJD ने11सितंबर2026को जारी अपनी सूची में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रो. जयराम यादव के नाम की घोषणा की थी.जयराम यादव की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी इस चुनाव में चर्चा का विषय बनी हुई है. वर्ष2023में उन्हें जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ का प्रदेश महासचिव बनाए जाने की सार्वजनिक रिपोर्ट सामने आई थी. अब वे राजद के टिकट पर सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं.इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच उनकी पत्नी संगीता देवी को लेकर भी जदयू संगठन में कार्रवाई की खबर सामने आई है. संगीता देवी सीवान जिला परिषद की अध्यक्ष और जदयू की प्रदेश सचिव के रूप में राजनीतिक एवं संगठनात्मक भूमिका में रही हैं. सार्वजनिक रिपोर्टों में पति-पत्नी के अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े होने की चर्चा भी सामने आई है.जदयू की ओर से पार्टी अनुशासन के मद्देनजर संगीता देवी को संगठनात्मक पद से हटाने/निष्कासित करने की कार्रवाई की गई है. पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जयराम यादव के राजद में जाने और चुनाव मैदान में उतरने के बाद दोनों की राजनीतिक भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर गंभीरता से विचार किया गया.एक ही परिवार, अलग-अलग राजनीतिक रास्तेसारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एक ही परिवार के पति-पत्नी अब अलग-अलग राजनीतिक दलों के साथ दिखाई दे रहे हैं. एक ओर प्रो. जयराम यादव राजद के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर संगीता देवी लंबे समय तक जदयू के संगठन से जुड़ी रही हैं.जयराम यादव के राजद प्रत्याशी बनने के बाद सीवान और सारण क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. वहीं जदयू ने शिक्षक मतदाताओं के बीच अपने प्रत्याशी ई. आनंद पुष्कर के नेतृत्व में अभियान तेज कर दिया है.सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिले शामिल हैं. ऐसे में दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों के सामने पूरे क्षेत्र में शिक्षक मतदाताओं तक पहुंच बनाने की चुनौती है.आने वाले दिनों में दोनों दलों के संगठनात्मक अभियान, शिक्षक मुद्दों पर प्रत्याशियों की प्राथमिकताएं और स्थानीय राजनीतिक समीकरण इस चुनाव को और अधिक चर्चित बना सकते हैं.
पटना: बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मधेपुरा जिले में पद के दुरुपयोग से संबंधित गंभीर आरोपों के मामले में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार मधेपुरा के असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० विजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.जिला पदाधिकारी,मधेपुरा द्वारा उपलब्ध कराए गए जांच प्रतिवेदन के अनुसार,डॉ० विजय कुमार पर पद का दुरुपयोग करते हुए पूर्व में सील किए गए‘सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल’को पुनः खुलवाने के लिए संचिका खोलकर उसके संचालन का आदेश देने तथा इसके लिए अनधिकृत रूप से राशि प्राप्त करने का आरोप है.इसके अतिरिक्त,निजी नर्सिंग होम की जांच एवं लाइसेंस के नाम पर कथित अवैध राशि के लेन-देन से संबंधित एक वायरल वीडियो सामने आया था. मामले की जांच के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी,मधेपुरा की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया गया था. जांच दल द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में डॉ० विजय कुमार के आचरण को प्रथम दृष्टया भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में पाया गया.जांच प्रतिवेदन एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिहार सरकारी सेवा (वर्गीकरण,नियंत्रण एवं अपील) नियमावली,2005 के प्रावधानों के तहत डॉ० विजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग (मुख्यालय),बिहार,पटना निर्धारित किया गया है.स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए नए चिकित्सकों को प्रभारमधेपुरा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा कार्यहित में नए चिकित्सकों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. इसके तहत जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी,मधेपुरा,डॉ० विपिन कुमार गुप्ता को असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी,मधेपुरा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.वहीं,सदर अस्पताल,मधेपुरा की वरीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० रंजना कुमारी को अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी,मधेपुरा का प्रभार दिया गया है. इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,कुमार खण्ड के वरीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० वेद प्रकाश गुप्ता को अपर उपाधीक्षक-सह-सहायक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (गैर संचारी रोग),मधेपुरा का प्रभार सौंपा गया है.स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह प्रशासनिक व्यवस्था जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर एवं सुचारू संचालन तथा विभागीय कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान न हो,यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट—
पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने ‘कायाकल्प’ पोर्टल का भी लोकार्पण किया. पंचायत स्तर पर सार्वजनिक सुविधाओं और परिसंपत्तियों को बेहतर बनाने का लक्ष्य है. 30 नवंबर तक सभी छोटे-छोटे लंबित विकास कार्य पूरे करने का निर्देश है. दीपावली से पहले जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के निर्देश दिये गए हैं.विद्यालयों की रंगाई-पुताई, आंगनबाड़ी केंद्रों के लंबित कार्य जल्द पूरे होंगे. स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और छात्रावासों में लंबित कार्य पूरे होंगे. सीएम ने अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों में आवश्यक सुविधाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिए हैं. नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है. कायाकल्प पोर्टल पर योजनाओं की प्रगति और कार्य पूर्णता की जानकारी मिलेगी. कायाकल्प मोबाइल ऐप से भी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध होगी. पोर्टल से योजनाओं की मॉनिटरिंग में आएगी तेजी, लंबित कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी. ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण समेत 9 विभागों की योजनाओं की मॉनिटरिंग होगी. मंत्रीगण और जिला प्रशासन अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे. जनप्रतिनिधियों के सहयोग से अभियान को सफल बनाने की CM की अपील है. छोटे-छोटे विकास कार्यों के जरिए आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर है.CM बोले—छोटी-छोटी चीजों पर गौर करें, समय-सीमा में कार्यों का सफल क्रियान्वयन करें. ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ से जनसुविधाओं में सुधार और नई परिसंपत्तियों का निर्माण होगा.
गोपालगंज :बिहार केगोपालगंज में शुक्रवार को जिला परिवहन कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर डीएम समीर सौरभ ने औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कर्मियों की उपस्थिति से लेकर आम लोगों को दी जा रही परिवहन सेवाओं की जानकारी ली गई. बायोमेट्रिक उपस्थिति का प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने पर डीएम ने कार्रवाई करते हुए एक दिन के वेतन कटौती का निर्देश दिया.दरअसल, जिला पदाधिकारी समीर सौरभ अचानक जिला परिवहन कार्यालय पहुंचे और कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति की जांच की. बायोमेट्रिक उपस्थिति का प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने पर उन्होंने नाराजगी जताई और एक दिन के वेतन कटौती का निर्देश दिया.डीएम ने स्पष्ट किया कि फील्ड में तैनात कर्मियों को छोड़कर सभी पदाधिकारी और कर्मचारी कार्यालय अवधि में नियमित रूप से उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे. आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.निरीक्षण के दौरान डीएम खुद काउंटर पर पहुंचे और अस्थायी वाहन पंजीकरण के लिए आए एक नागरिक की समस्या सुनी. उन्होंने संबंधित कर्मियों को तत्काल समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया. साथ ही परिवहन कार्यालय में आमजन को मिलने वाली सभी सेवाओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा.वहीं, बलथरी चेकपोस्ट पर राजस्व हानि और अनियमितताओं से जुड़ी जांच के आधार पर अपर जिला परिवहन पदाधिकारी निशांत कुमार और प्रवर्तन निरीक्षक ललित कुमार दुबे के खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है. दोनों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को प्रतिवेदन भेजा गया है.जांच में वाहनों के चालान की प्रक्रिया में त्रुटियों के साथ-साथ दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता और शिथिलता से संबंधित तथ्य सामने आने की बात कही गई है.डीएम के औचक निरीक्षण के बाद परिवहन कार्यालय में लापरवाही पर कार्रवाई का संदेश साफ है. अधिकारियों और कर्मियों को कार्यालयीन कार्यों के साथ-साथ आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट
पटना : ग्रामीण विकास विकास, बिहार के तत्वावधान में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, जीविका द्वारा वर्ष 2026 के बिहार सरस मेला के प्रथम संस्करण का आयोजन 20 से 29 सितंबर 2026 तक ज्ञान भवन, पटना में होने जा रहा है.ग्रामीण उद्यमिता और हुनर को बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से बिहार सरस मेला का आयोजन किया जाता है. वर्ष 2014 से शुरू हुई यह यात्रा अब अपने 18वें संस्करण तक पहुंच चुकी है.वर्ष 2018 से सरस मेला के दो संस्करण आयोजित किए जा रहे हैं, एक ज्ञान भवन में, जहां ग्रामीण उद्यमियों और ग्राहकों के बीच सीधा संवाद अधिक गहरा होता है, और दूसरा गांधी मैदान में, जहां यह आयोजन एक बड़े जन-उत्सव का रूप ले लेता है. वर्तमान वित्तीय वर्ष के इस प्रथम संस्करण में बिहार समेत 15 राज्यों की स्वयं सहायता समूह से जुडी महिला उद्यमी शिरकत कर रही हैं. आन्ध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखण्ड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गोवा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर की लोक कला, शिल्प , लोक कलाकृतियों एवं व्यंजनों की प्रदर्शनी सह खरीद- बिक्री होगी .इसके लिए लगभग 135 स्टॉल लगाये जा रहे हैं .हस्तशिल्प,हैण्डलूम,कालीन,रग्स,मलबरी,सिल्क एवं खादी की साड़िया एवं कपडे,मधुबनी पेंटिंग,लाह से बनी चूड़ियाँ,सीप से बने गहने,बांस एवं लकड़ी से बने घर सजाने के उत्पाद,केला के डंठल आदि से बने उत्पादों की खरीद-बिक्री होगी.फ़ूड जोन में दीदी की रसोई के स्टॉल पर देशी, स्वादिष्ट एवं पौष्टिक व्यंजन के साथ अचार, पापड़, सत्तू, बरी, दनौरी, ड्राई फ्रूट्स समेत कई देशी और लजीज व्यंजन के स्टॉल रहेंगे.बिहार के सभी 38 जिलों के स्वयं सहायता समूह से जुडी हुनरमंद महिला उद्यमी अपने-अपने क्षेत्र के हस्त शिल्प, लोककला , कलाकृतियों एवं सुप्रसिद्ध व्यंजनों को लेकर आ रही हैं.जीविका दीदियों द्वारा संचालित महानंदा चाय उत्पादक कंपनी, जीविका शिल्पग्राम, जीविका मधु ग्राम एवं जानकी महिला सिलाई एवं प्रशिक्षण केंद्र के स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की झलक दिखेगी.विभिन्न विभाग एवं संस्थानों के स्टॉल पर राज्य में हो रहे विकासात्मक कार्यों की प्रदर्शनी एवं लाभान्वितों के द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री की जाएगी.जीविका द्वारा संचालित सतत जीविकोपार्जन योजना एवं मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लाभान्वितों द्वारा उत्पादित उत्पादों की भी खरीद- बिक्री होगी.रुपयों की जमा- निकासी के लिए जीविका दीदियों द्वारा ग्राहक सेवा केंद्र एवं सभी स्टॉल पर कैशलेश खरीददारी की व्यवस्था की गई है.सरस मेला परिसर में आगंतुकों एवं स्टॉल धारकों की सुविधा के लिए सहायता केंद्र भी बनाये जा रहे हैं.इस वर्ष ज्ञान भवन में एक नई पहल के रूप में क्रेता-विक्रेता संवाद आयोजित किया जाएगा. यहां केवल उत्पाद दिखाए नहीं जाएंगे,बल्कि उत्पादों के पीछे के उद्यम और बाजार की संभावनाओं पर बातचीत होगी. संभावित खरीदारों,संस्थागत खरीदारों और महिला उद्यमियों के बीच सीधा संवाद होगा. उत्पाद की गुणवत्ता,पैकेजिंग,मात्रा,आपूर्ति और बाजार की मांग जैसे विषयों पर बातचीत के जरिए व्यापारिक संबंधों की नई संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जाएगा. इस पहल से सरस मेला की भूमिका एक कदम और आगे बढ़ेगी,प्रदर्शनी से व्यापार तक,ग्राहक से खरीदार तक और उत्पाद से बाजार तक. मेला का समय सुबह 10 बजे से शाम 08 बजे तक निर्धारित है. प्रवेश निःशुल्क रखा गया है.