
गुरुवार, 01 अक्टूबर 2026
Liveपटना : जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जनहानि को कम करने के लिए वैज्ञानिक तकनीक, सटीक पूर्व चेतावनी और जन-जागरूकता को मजबूत करना जरूरी है. मौसम संबंधी चेतावनी तभी प्रभावी होगी, जब वह समय रहते समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोग उसके अनुरूप सुरक्षित व्यवहार अपनाएं. बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने ये बातें बुधवार को पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन संस्थान में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन क्लाइमेट चेंज क्रॉसरोड्स’ के उद्घाटन समारोह में कही. इस दो दिवसीय (30 सितंबर एवं 1 अक्टूबर) राष्ट्रीय सम्मेलन में पहले दिन जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों, चरम मौसमी घटनाओं, आपदा प्रबंधन, कृषि, जैव विविधता तथा मानव एवं पशु स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर देशभर से आए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने मंथन किया. राज्यपाल ने कहा कि बिहार की भौगोलिक परिस्थितियां उसे बाढ़, वज्रपात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील बनाती हैं. नेपाल से आने वाली नदियां और गंगा के मैदानी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति राज्य के सामने अलग तरह की चुनौतियां खड़ी करती हैं. भौगोलिक परिस्थितियों को बदला नहीं जा सकता, लेकिन वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, मजबूत पूर्व चेतावनी प्रणाली और जन-जागरूकता के माध्यम से आपदाओं के प्रभाव को काफी कम किया जा सकता है. उन्होंने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य के रूप में अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी तंत्र में हुई वैज्ञानिक प्रगति ने आपदा प्रबंधन को नई दिशा दी है.ग्लेशियर फेलियर को बताया भविष्य की बड़ी चुनौतीहिमालयी क्षेत्रों में बढ़ती आपदाओं का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने ग्लेशियर फेलियर को भविष्य की बड़ी चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि हिमालयी आपदाओं की निगरानी के लिए पारंपरिक मौसम पूर्वानुमान के साथ उपग्रह आधारित तकनीक,अत्याधुनिक सेंसर और दूरसंवेदी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना होगा. लद्दाख,हिमाचल प्रदेश से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक ग्लेशियरों की निगरानी और प्रभावी पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने के लिए मौसम विभाग,राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र और अन्य वैज्ञानिक संस्थानों को मिलकर काम करना होगा.चेतावनी को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौतीवज्रपात को बिहार सहित पूर्वी भारत के कई राज्यों के लिए गंभीर चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की ओर से अब काफी पहले बिजली गिरने की चेतावनी उपलब्ध कराई जा रही है,लेकिन इसे अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है. ग्रामीण क्षेत्रों में किसान हमेशा मोबाइल फोन साथ नहीं रखते. ऐसे में मोबाइल संदेशों के साथ स्थानीय प्रशासन,सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली,लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के जरिए भी तत्काल चेतावनी प्रसारित करने की व्यवस्था मजबूत की जानी चाहिए. लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और उसके अनुरूप सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए लगातार जागरूक करना भी जरूरी है.अन्य वक्ताओं ने भी सामूहिक प्रयास पर दिया जोरभारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण कम समय में अत्यधिक बारिश जैसी चरम मौसमी घटनाएं बढ़ रही हैं. उन्होंने बताया कि‘मौसम मिशन’के तहत वर्ष 2030 तक पूर्वानुमान की सटीकता में 10-15 प्रतिशत सुधार का लक्ष्य है तथा देश में मौसम रडार और स्वचालित मौसम केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है. बिहार में वज्रपात से हर वर्ष करीब 250 से 300 लोगों की मौत का उल्लेख करते हुए उन्होंने पूर्व चेतावनी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत बताई. केंद्रीय विश्वविद्यालय दक्षिण बिहार बोधगया के कुलपति डॉ. कामेश्वर नाथ सिंह ने जलवायु संकट से निपटने के लिए वैज्ञानिकों,शिक्षाविदों,नीति-निर्माताओं और समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास पर जोर दिया. उन्होंने मिट्टी,आर्द्रभूमि और जैव विविधता के संरक्षण के साथ पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता बताई. अन्य विशेषज्ञों ने भी कृषि,जैव विविधता,चरम मौसमी घटनाओं,मानव-पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ देखते हुए समाधानपरक शोध और नीतियों पर जोर दिया. इस सम्मेलन में युवा वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया. डीपीएस की कक्षा 12 के विद्यार्थियों न्यासा,पार्थ और शांभवी ने जलवायु अनुसंधान पर अपनी प्रस्तुति राज्यपाल और विशेषज्ञों के समक्ष दी. सम्मेलन की शोध-सार पुस्तिका का अनावरण राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों ने किया. सम्मेलन में प्रोफेसर एवं आईएमएस पटना चैप्टर के अध्यक्ष प्रधान पार्थ सारथी,मौसम विज्ञान केंद्र पटना के प्रमुख वैज्ञानिक आशीष कुमार सहित देशभर से आए वैज्ञानिक,शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हुए.
रांची:मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में पदस्थापित अनुसेवक अंगद महतो के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें भावभीनी विदाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दी. इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अनुसेवक अंगद महतो को शॉल ओढ़ाकर,स्मृति चिह्न एवं उपहार भेंटकर सम्मानित किया.इस भावुक क्षणों के बीच अंगद महतो ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सरल एवं संवेदनशील स्वभाव के कारण सेवाकाल के दौरान हमेशा एक सुगम और आत्मीय माहौल मिला, जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे, जिन्होंने अंगद महतो को उनके सुखद भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट--
रांची : भारत निर्वाचन आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक निष्पक्षता को लेकर सामने आए गंभीर तथ्यों के विरोध में बुधवार को झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने रांची स्थित लोकभवन के समक्ष विशाल विरोध-प्रदर्शन किया. पार्टी ने वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग और एकतरफा फैसलों का आरोप लगाते हुए उन्हें अविलंब पद से बर्खास्त करने की मांग की.मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक दस्तावेजों के हवाले से नेताओं ने कहा कि वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा हाल के दिनों में लिए गए कई मनमाने फैसलों पर आयोग के दोनों चुनाव आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू एवं विवेक जोशी) ने पिछले 10 महीनों में 14 बार लिखित और औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई है. सहयोगी चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों और चिंताओं को पूरी तरह दरकिनार कर,बिना उनकी सहमति के वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत करोड़ों पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए. यह कदम पूरी तरह से असंवैधानिक,अनधिकृत और लोकतंत्र विरोधी है,जो निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था पर सीधा कुठाराघात करता है. इस पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ झामुमो रांची जिला समिति,रांची महानगर समिति,खूंटी जिला समिति,लोहरदगा जिला समिति एवं रामगढ़ जिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में जनसैलाब उमड़ा. प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के साथ इस प्रकार की छेड़छाड़ देश के करोड़ों नागरिकों के मताधिकार पर डाका डालने के समान है. संस्थागत गरिमा को ताक पर रखकर लिए जा रहे इन फैसलों से संवैधानिक मर्यादाएं तार-तार हुई है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य,सांसद महुआ माजी,विधायक विकास मुण्डा,अमित महतो,सुदीप गुड़िया,रामसुर्या मुण्डा,केन्द्रीय सदस्य पवन जेडिया,हेमलाल मेहता,अश्विनी शर्मा,अन्तु तिर्की,राधा तिर्की,निरु शांति भगत,रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम,रामगढ़ जिला संयोजक प्रमुख विनोद किस्कू,लोहरदगा जिला अध्यक्ष मोजम्मील अहमद,खूंटी जिला अध्यक्ष जुबेर अहमद,रांची जिला संयोजक धमेंन्द्र सिंह,सांनु मुण्डा,रांची महानगर संयोजक फरीद खान,रोशन कुमार,मनिन्द्र सिंह,अंकिता वर्मा,विक्रम सिंह,अरूण वर्मा,आशुतोष वर्मा,विजय महतो,भोलु मल्लिक,साजिद कौसर,उत्तम यादव,महादेव मुण्डा,राजू गोप,उमेश साहू,रंजन माथुर,प्रेम प्रतीक बमबारी,अनुराग तिर्की,लालंती देवी,विजय महतो,आदम मुण्डा,कुलदीपक,जितनन्दन महतो,कुदरत अंसारी,फारूख अंसारी,लाला महली,मुरसीय लाल मांझी,शमीम अंसारी,श्यामजी महतो,नन्दु मेहता,चामु बेक,सुरेश महतो,बलराम महतो,नविन तिर्की, संजू माथुर तथा हजारों की संख्या में समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे.रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट--
पटना : कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार में बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षापात से प्रभावित किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार से विशेष पैकेज एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता के साथ आगामी रबी मौसम के लिए भी विशेष सहयोग की आवश्यकता है.रबी महाभियान के अवसर पर अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के18जिलों, 84प्रखंडों एवं653पंचायतों में बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षापात से फसलों को नुकसान हुआ है.प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को रबी मौसम में राई,सरसों एवं मटर के बीज का निःशुल्क वितरण किया जाएगा.वहीं,कम वर्षा वाले क्षेत्रों में श्रीअन्न की खेती के लिए किसानों को आवश्यक सहयोग दिया जाएगा.उन्होंने अत्यधिक वर्षापात एवं तेज हवा से फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए भारत सरकार से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया.उन्होंने कहा कि बिहार की कृषि परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग है.इसलिए केंद्र की योजनाओं में बिहार की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक नियमों एवं शर्तों में उपयुक्त छूट दी जानी चाहिए.भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा बिहार कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारी आपस में समन्वय कर बिहार की कृषि चुनौतियों एवं संभावनाओं के अनुरूप विशेष कार्ययोजना तैयार करें.कृषि मंत्री ने किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उर्वरक कंपनियों द्वारा एफओआर के तहत खुदरा विक्रेताओं तक आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए.उन्होंने भारत सरकार से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया,ताकि किसानों को उर्वरक के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े.उन्होंने कहा कि रबी महाभियान के तहत उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर जोर दिया जा रहा है.इसके लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए दलहन,तिलहन,मखाना,मशरूम,मसाले एवं बागवानी फसलों के क्षेत्र विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज समय पर उपलब्ध कराना आवश्यक है.बिहार की कृषि-जलवायु के अनुरूप नई किस्मों की पहचान,दलहन एवं तिलहन के गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता तथा संकर मक्का बीज उत्पादन के लिए उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना में केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया गया है.उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादन के साथ बाजार व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है.बिहार के बाजार प्रांगणों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ने,किसान उत्पादक संगठनों को बाजार से जोड़ने तथा भंडारण,शीत शृंखला,प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन की सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र सरकार के सहयोग की आवश्यकता है.मखाना,शाही लीची,जर्दालु आम और कतरनी चावल जैसी बिहार की विशिष्ट कृषि उपज को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं.कृषि मंत्री ने किसान पंजीकरण एवं किसान पहचान व्यवस्था को सरल बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भूमि अभिलेख से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के कारण कोई वास्तविक किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न हो.इसके लिए संबंधित विभागों के आंकड़ों के बेहतर समन्वय की आवश्यकता है.उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से बाढ़ एवं अत्यधिक वर्षापात से प्रभावित किसानों को राहत देने के साथ रबी मौसम में कृषि गतिविधियों को नई गति दी जाएगी.रबी महाभियान के माध्यम से किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज,उर्वरक और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के साथ उनकी उपज के बेहतर बाजार एवं मूल्य की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है.
पटना: बिहार कैबिनेट की बैठक में विकास,ऊर्जा,सड़क,पर्यटन,कानून-व्यवस्था और सामाजिक योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. सरकार ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति,2026 के प्रारूप को स्वीकृति दी है. नीति का उद्देश्य हरित हाइड्रोजन के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना,रोजगार के अवसर पैदा करना और कार्बन उत्सर्जन कम करना है. इसके साथ ही प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में भी काम किया जाएगा.कैमूर और रोहतास जिलों की 177 बसावटों के 21 हजार 644 घरों को ग्रिड से जोड़ने की योजना को भी मंजूरी मिली है.RDSSके तहत योजना की पुनरीक्षित लागत 351.85 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है. पहले इसकी लागत 117.80 करोड़ रुपये थी.माप-तौल व्यवस्था को लेकर बिहार विधिक माप विज्ञानGATCनियमावली,2026 और प्रवर्तन संशोधन नियमावली को मंजूरी दी गई है. इसके तहत जल,गैस और ऊर्जा मीटर समेत विभिन्न माप-तौल उपकरणों के सत्यापन और मुहरांकन की व्यवस्था होगी. थर्ड पार्टी के जरिए भी यह प्रक्रिया कराई जा सकेगी.वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप के संचालन के लिए 35 पदों को मंजूरी दी गई है. इन पदों पर 11 महीने या नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन किया जाएगा.कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 30 वाटर कैनन और 86 नए वज्र वाहनों की खरीद को मंजूरी मिली है. इनकी खरीद पर कुल 62.52 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इनका इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण,दंगा,आंदोलन और आपात परिस्थितियों में किया जाएगा.पोषण 2.0 के तहत पात्र लाभार्थियों को पारंपरिक सूखे राशन की जगह रेसिपी आधारित पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है. कॉम्फेड को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है.पटना के बहादुरपुर सेक्टर-6 की जर्जर आवासीय कॉलोनी के स्व-वित्तपोषित पुनर्विकास को मंजूरी दी गई है. वहीं सेक्टर-5 में टीवी टावर के पास 8.5 एकड़ जमीन पर भी परियोजना को स्वीकृति मिली है. दोनों मामलों मेंNBCCइंडिया लिमिटेड के साथMoUके लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड को अधिकृत किया गया है.सड़क निर्माण से जुड़े फैसलों में तारापुर बाईपास की संशोधित लागत 115.90 करोड़ रुपये और रनगाँव-भागलपुरा से धौनी बाईपास की संशोधित लागत 87.63 करोड़ रुपये मंजूर की गई है. मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ को परसा-संपतचक मार्ग से जोड़ने के लिए 82.26 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है.पथ निर्माण विभाग की सड़कों और जमीन पर बिजली,पानी,केबल और सीवर लाइन बिछाने की अनुमति से जुड़ी नीति को भी मंजूरी दी गई है. पर्यटन क्षेत्र में पटना के ताज सिटी सेंटर होटल प्रोजेक्ट को बिहार पर्यटन नीति के तहत वित्तीय स्वीकृति मिली है. 213.41 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के आधार पर दूसरे चरण की मंजूरी दी गई है.इसके अलावा बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के संशोधितMOAऔरAOAको कंपनी अधिनियम 2013 के अनुरूप मंजूरी दी गई है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को पटना प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों यथा- पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर जिलों में विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान मंत्री ने आगामी धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि धान अधिप्राप्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यालय स्तर के पदाधिकारियों को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करने तथा गड़बड़ी में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.बैठक में पैक्सों में धान अधिप्राप्ति,बिहार राज्य फसल सहायता योजना,गोदाम निर्माण,विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना,कॉमन सर्विस सेंटर,बैंक मित्र योजना तथा‘सहकारिता में सहकार’सहित विभाग की विभिन्न प्राथमिकताओं की समीक्षा की गई. मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया.धान अधिप्राप्ति में छह जिलों का प्रदर्शनखरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत पटना प्रमंडल के छह जिलों में कुल 11.16 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 11.14 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति,अर्थात 99.88 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है. जिलावार आंकड़ों के अनुसार भोजपुर एवं रोहतास में 100 प्रतिशत,बक्सर में 99.99 प्रतिशत,कैमूर में 99.95 प्रतिशत,पटना में 99.95 प्रतिशत तथा नालंदा में 99.17 प्रतिशत अधिप्राप्ति दर्ज की गई. अधिप्राप्त धान से प्राप्त चावल में से 98.68 प्रतिशत राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति की जा चुकी है. निदेश दिया गया कि बचे हुए चावल की शत प्रतिशत प्राप्ति करायी जाय एवं गड़बड़ियों पर कार्रवाई की जाय.मंत्री ने निर्देश दिया कि आगामी 1 नवंबर से प्रारंभ होने वाली धान अधिप्राप्ति के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं. किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे,इसके लिए अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पैक्सों द्वारा खरीद में गड़बड़ी पाए जाने पर क्षेत्रीय पदाधिकारियों के विरुद्ध भी दायित्व का निर्धारण कर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी एवं पदाधिकारियों की संलिप्तता की भी हर स्तर से जांच होगी.बिहार राज्य फसल सहायता योजना की समीक्षाबिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत जिलावार क्षेत्र निरीक्षण एवं सत्यापन कार्य की स्थिति की भी समीक्षा की गई. भोजपुर में बड़ी संख्या में क्षेत्र निरीक्षण लंबित पाए जाने पर मंत्री ने प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए.गोदाम निर्माण की समीक्षावित्तीय वर्ष 2025-26 तक स्वीकृत गोदाम निर्माण की स्थिति की समीक्षा में रोहतास एवं कैमूर में तीन-तीन गोदाम स्वीकृत पाए गए,जिनका निर्माण विभिन्न चरणों में है. मंत्री ने निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति सुनिश्चित करने तथा योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया.कॉमन सर्विस सेंटर की प्रगति की समीक्षाकॉमन सर्विस सेंटर की प्रगति की समीक्षा के दौरान पटना प्रमंडल के छह जिलों में कुल 1,348PACSमें से 1,116PACSकेIDबनाए जा चुके हैं,जिनमें 1,024Active IDहैं. कुल सक्रियता का प्रतिशत 92 प्रतिशत है. 20 सितंबर 2026 तक इनPACSके माध्यम से कुल 17,003 लेन-देन दर्ज किए गए,जिनकी कुल राशि लगभग ₹33.62 करोड़ है.बैंक मित्र योजना को और प्रभावी बनाने का निर्देशबैंक मित्र योजना की प्रगति की समीक्षा में पाया गया कि पटना प्रमंडल के चार जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए कुल 230mATMस्वीकृत हैं,जिनमें से 144mATMबैंक मित्रों को वितरित किए जा चुके हैं.सहकारी बैंकों को NPA कम करने एवं ऋण वसूली में तेजी का निर्देशमंत्री ने सहकारी बैंकों में ऋण वितरण से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंनेNPAको नियंत्रित करने,ऋण वसूली में तेजी लाने तथा बैंकों की वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ऋण वितरण के साथ-साथ ऋण की वसूली और वित्तीय अनुशासन पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है.बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह,निबंधक,सहयोग समितियाँ राजनीश कुमार सिंह,पटना प्रमंडल एवं मुख्यालय के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
पटना:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को पटना स्थित सचिवालय में बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई. बैठक में कुल 30 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. कैबिनेट की बैठक में बिहार हरित हाइड्रोजन नीति-2026 के प्रारूप को मंजूरी मिली है.कैमूर-रोहतास के 177 बसावटों के 21,644 घरों के विद्युतीकरण की संशोधित लागत ₹351.85 करोड़ मंजूर.बिहार विधिक माप विज्ञान (GATC)नियमावली-2026 को स्वीकृति मिली.बिहार विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी.वैशाली के बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय समेत संग्रहालयों के संचालन के लिए 35 संविदा पदों पर नियुक्ति को मंजूरी.कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहनों की खरीद हेतु ₹62.52 करोड़ मंजूर.आंगनबाड़ी के टेक होम राशन के लिए कॉम्फेड कोPPPमॉडल पर 15 वर्षों के लिए आपूर्तिकर्ताओं के चयन की मंजूरी.बहादुरपुर सेक्टर-6 की जर्जर आवासीय कॉलोनी के पुनर्विकास के लिएNBCCसेMoUको मंजूरी.बहादुरपुर सेक्टर-5 में 8.5 एकड़ भूखंड पर परियोजना के लिएNBCCसेMoUको मंजूरी.मुंगेर के 7 किलोमीटर लंबे तारापुर बाईपास के लिए ₹115.90 करोड़ की प्रथम पुनरीक्षित स्वीकृति.रनगाँव-भागलपुरा पथ से धौनी तक बाईपास निर्माण के लिए ₹87.63 करोड़ की स्वीकृति.सड़कों पर बिजली,पानी,टेलीफोन,केबल,सीवर और गैस पाइपलाइन के लिएNOCजारी करने की मंजूरी.मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से डाउन रैम्प और परसा-संपतचक पथ के निर्माण के लिए ₹82.26 करोड़ मंजूर.होटल ताज सिटी सेंटर,पटना परियोजना के लिए ₹213.42 करोड़ की लागत पर पर्यटन नीति के तहत द्वितीय चरण की वित्तीय स्वीकृति.बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के संशोधितMemorandumऔरArticles of Associationको मंजूरी.राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2025 के मधुबनी आयोजन के खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए ₹17.29 करोड़ मंजूर.सात निश्चय-3 के तहत 871 कुशल युवा कार्यक्रम संचालकों से‘डिजिटल मित्र’कार्यक्रम संचालित कराने की मंजूरी.पटना सिटी के सबलपुर दियारा में 2 एकड़ जमीन विश्वस्तरीय क्रूज टर्मिनल के लिएIWAIको 25 साल की लीज पर देने की मंजूरी.पटना सदर के दुजरा दियारा में 2 एकड़ जमीन क्रूज टर्मिनल के लिएIWAIको 25 साल की लीज पर देने की मंजूरी.सरकारी वस्तुओं की नीलामी के लिएGeMकेForward Auction Moduleके उपयोग हेतु बिहार वित्त नियमावली में संशोधन को मंजूरी.RCSउड़ानों के लिए राज्य के रियायती हवाई अड्डों परATFपरVAT1% से घटाकर शून्य करने की मंजूरी.डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जीAIएवं कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय के लिए 34 पदों के सृजन को मंजूरी.शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय के लिए 34 पदों के सृजन को मंजूरी.हीमोफीलिया मरीजों के उपचार के लिए‘मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना’और पहले वर्ष ₹26.34 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति.आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका समेत कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से ₹477 करोड़ की अग्रिम स्वीकृति.बिहार के दीर्घकालिक विमानन विकास के लिए‘एविएशन विजन एवं पॉलिसी’तैयार करने हेतुKPMGसे ₹86.17 लाख की परामर्शी सेवा लेने की मंजूरी.मुंगेर मेंNH-333 के गंगटा जंगल क्षेत्र के सिंगल लेन से 2-लेन चौड़ीकरण के लिए ₹51.22 करोड़ की घटनोत्तर स्वीकृति.सप्तम राज्य वित्त आयोग की अंतरिम रिपोर्ट की सिफारिशों को वित्तीय वर्ष 2026-27 और 2027-28 में लागू करने की मंजूरी.शेष 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए ₹2,761.55 करोड़ के अनुदान की स्वीकृति.नई दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त कार्यालय और बिहार भवन कार्यालय के पुनर्गठन को मंजूरी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम चंपारण जिले के बगहा,बैरिया प्रखंड के बथना,योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा एवं नौतन प्रखंड के शिवराजपुर,बनकटवा तथा आस-पास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया. सारण जिले के मकेर प्रखंड अन्तर्गत हैजलपुर पंचायत क्षेत्र में टूटे हुए तटबंध का भी ऐरियल सर्वे किया.मुख्यमंत्री ने बथना स्थित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण कर सामुदायिक रसोई,चिकित्सा शिविर,पेयजल,शौचालय,पशु राहत शिविर एवं आवासन व्यवस्था का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में लोगों को स्वयं भोजन परोसा.नदियों के जलस्तर,तटबंधों की सतत निगरानी,पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था तथा एन०डी०आर०एफ० एवं एस०डी०आर०एफ० की तैनाती बनाए रखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने का निर्देश. स्थिति सामान्य होने और लोगों के घर लौटने तक सामुदायिक रसोई संचालित रखने का भी निर्देश .मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को पश्चिम चंपारण जिले के बगहा,बैरिया प्रखंड के बथना,योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा एवं नौतन प्रखंड के शिवराजपुर,बनकटवा तथा आस-पास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया. साथ ही सारण जिले के मकेर प्रखंड अन्तर्गत हैजलपुर पंचायत क्षेत्र में टूटे हुये तटबंध का भी ऐरियल सर्वे किया. पटना से पश्चिम चंपारण आने के क्रम में उन्होंने नदियों के जलस्तर एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी हवाई सर्वेक्षण किया.एरियल सर्वे के पश्चात मुख्यमंत्री ने बैरिया प्रखंड के बथना स्थित पीएम श्री राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में संचालित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया. उन्होंने सामुदायिक रसोई,चिकित्सा शिविर,स्वच्छ पेयजल,शौचालय,पशु राहत शिविर,पशु शेड तथा महिलाओं एवं पुरुषों के लिए की गई आवासन व्यवस्था का जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने सामुदायिक रसोई में स्वयं लोगों को भोजन परोसा. उन्होंने शिविर में संचालित अस्थायी आंगनबाड़ी बाल शिविर का भी निरीक्षण किया तथा बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. चिकित्सा शिविर में उपलब्ध दवाओं एवं उपचार की व्यवस्था का भी जायजा लिया. मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए.मुख्यमंत्री ने राहत शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोग अपनी समस्याओं एवं जरूरतों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराएं,ताकि उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा सके.इसके बाद मुख्यमंत्री ने पीएम श्री राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय,बथना स्थित जिला स्तरीय कंट्रोल रूम में बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की. जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने पश्चिम चंपारण जिले के मानचित्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों,तटबंधों की स्थिति,राहत एवं चिकित्सा शिविरों तथा राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. जिलाधिकारी ने जिले में बाढ़ की स्थिति,नदियों के जलस्तर,तटबंधों की स्थिति,प्रभावित आबादी,राहत सामग्री के वितरण,राहत एवं बचाव कार्यों तथा एन०डी०आर०एफ० एवं एस०डी०आर०एफ० की तैनाती के संबंध में मुख्यमंत्री को अवगत कराया.बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह ने नदियों के जलस्तर एवं तटबंधों की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार नेपाल की ओर से अब तक सबसे अधिक पानी आया है. बगहा,रेवा घाट,लालगंज एवं गोपालगंज में उच्चतम जलस्तर (एच०एफ०एल०) रिकॉर्ड किया गया है. गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से अभी ऊपर बह रहा है लेकिन पानी धीरे-धीरे घट रहा है. डुमरिया पुल के समीप नदी का जलस्तर स्थिर होने तथा पानी का दबाव कम हो रहा है. बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ की वर्तमान स्थिति तथा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया.समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल की तराई से पानी आने के कारण बाढ़ की विकट स्थिति उत्पन्न हुई है. कोसी एवं महानंदा नदी का सर्वे कराया जा रहा है,ताकि बाढ़ की समस्या का समग्र अध्ययन कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य किया जा सके. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के लिए हर स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं तथा अगले दो-तीन दिनों में पानी निकलने की संभावना है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित आबादी को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में सामुदायिक रसोई का नियमित संचालन किया जाए. बाढ़ प्रभावित परिवारों को चिह्नित कर दशहरा से पहले 7,000 रूपये प्रति परिवार की अनुग्रह सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. राज्य सरकार द्वारा कुछ दिन पूर्व बाढ़ प्रभावित परिवारों को 7,000 रूपये की अनुग्रह सहायता राशि डी०बी०टी० के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है. उन्होंने पानी की निकासी के लिए आवश्यकता के अनुसार स्लुइस गेट खोलने,नदियों के जलस्तर,तटबंध एवं कटाव की सतत निगरानी रखने तथा पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. प्रभावित लोगों तक पर्याप्त मात्रा में सूखा राशन एवं अन्य राहत सामग्री पहुंचाने तथा पशुओं के लिए भी समुचित चारा एवं आश्रय की व्यवस्था करने को कहा.मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को एस०ओ०पी० के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं. बाढ़ से हुए नुकसान को दुरुस्त किया जाएगा. उन्होंने निर्देश दिया कि आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक रसोई का संचालन तब तक जारी रखा जाए,जब तक लोग अपने घरों को वापस नहीं लौट जाते और स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती. एन०डी०आर०एफ० एवं एस०डी०आर०एफ० की तैनाती सुनिश्चित रखते हुए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रखने का भी निर्देश दिया. इस दौरान उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी,सांसद डॉ० संजय कुमार जायसवाल,सांसद सुनील कुमार,विधायक संजय कुमार पांडे,विधायक विनय बिहारी,पूर्व विधायक उमाकांत सिंह,मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत,पुलिस,प्रीता वर्मा,आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल,मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह,जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ० चंद्रशेखर सिंह,चंपारण प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक हरकिशोर राय,पश्चिम चम्पारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह,पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम सहित अन्य जनप्रतिनिधि,वरीय अधिकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार विधान परिषद की8शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले चुनाव को लेकरNDAने अपनी तैयारियां तेज कर दी है. इसी क्रम में पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय मेंNDAघटक दलों के प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में आगामी चुनाव को लेकर गठबंधन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई.बैठक मेंNDAप्रत्याशियों के समर्थन में घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने,चुनावी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने और संगठन स्तर पर तैयारियों को मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया. नेताओं ने चुनावी क्षेत्रों में आपसी तालमेल के साथ अभियान चलाने और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की.बैठक में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा,भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सर्राफ,विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी और संजीव चौरसिया समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.इसके अलावा लोजपा-रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार,रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह,हम (से) के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. डीएन सिंह,प्रदेश महासचिव अनिल कुमार और वासुदेव कुशवाहा सहित अन्य नेताओं ने भी बैठक में हिस्सा लिया.बैठक के जरिएNDAके घटक दलों ने चुनावी तैयारियों को लेकर आपसी समन्वय और संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया. शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले चुनाव को देखते हुए आने वाले दिनों में गठबंधन की ओर से चुनावी गतिविधियों को और तेज किए जाने की संभावना है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार प्रशासन में बुधवार को बड़ा फेरबदल हुआ है. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे दीपक कुमार को इस पद से हटा दिया गया है. सरकार ने उन्हें बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. इस पद पर इससे पहले उदय कांत मिश्रा कार्यरत थे. उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद11सितंबर से यह पद रिक्त था.दीपक कुमार1984बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं. वे20मार्च2021को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे. इसके अगले ही दिन यानी21मार्च2021को उन्हें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इसके बाद करीब साढ़े पांच साल तक उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय में इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाली.दीपक कुमार का प्रशासनिक अनुभव काफी व्यापक रहा है. अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने बिहार के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया. बक्सर, नालंदा, हजारीबाग और मोतिहारी समेत करीब13जिलों में डीएम की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव उनके पास रहा है.इसके अलावा उन्होंने राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों में भी जिम्मेदारी निभाई है. स्वास्थ्य, नगर विकास, सामान्य प्रशासन, कैबिनेट, पर्यटन और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में भी वे महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं.अब बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी होगी. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद पर किस अधिकारी की नियुक्ति होगी, इसे लेकर प्रशासनिक स्तर पर नजर बनी हुई है. इस बदलाव के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय में जिम्मेदारियों के पुनर्गठन की भी संभावना है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
बेतिया : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार को हेलीकॉप्टर से बथना स्थित पीएम श्री राजकीय प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर पहुंचे. मुख्यमंत्री के आगमन से पहले मुख्य सचिव, डीजीपी, सांसद डॉ. संजय जायसवाल, सांसद सुनील कुमार और विधायक विनय बिहारी समेत कई वरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि वहां मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से जिले में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों तथा राहत-बचाव कार्यों की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने विद्यालय परिसर में बने नवनिर्मित हेलीपैड, सुरक्षा व्यवस्था और बाढ़ आश्रय केंद्र की तैयारियों का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने उन्हें प्रशासनिक तैयारियों से अवगत कराया.मुख्यमंत्री ने कहा कि गंडक और कोसी नदी के तटबंधों के पक्कीकरण के लिए सर्वे का कार्य चल रहा है. सर्वे के आधार पर तटबंधों को मजबूत करने की योजना आगे बढ़ाई जाएगी. बथना के बाद मुख्यमंत्री का मच्छरगांवा होते हुए बनकटवा और शिवराजपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कार्यक्रम रहा. एसडीआरएफ की नाव से उन्होंने प्रभावित इलाकों की स्थिति देखी और लोगों की समस्याएं जानीं. बाद में बथना स्थित बाढ़ आश्रय केंद्र में पहुंचकर पीड़ितों से संवाद किया. इस दौरान राहत सामग्री का वितरण भी किया गया.बेतिया से दीपक कुमार की रिपोर्ट-
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आज विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. ब्लॉक की एक अहम बैठक हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह मीटिंग बुलाई गई है। देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाए जाने और चुनाव आयोग के अंदरूनी कलह की खबरों के बीच विपक्ष ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपने तेवर और कड़े कर लिए हैं।"इस महाबैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला समेत कई दिग्गज नेता शामिल हुए। हालांकि, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने साफ कर दिया कि 'आप' अब इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है, इसलिए वे इस बैठक में शामिल नहीं हुए, हालांकि पार्टी ईसी के खिलाफ संसद से सड़क तक लड़ने की बात कह रही है।बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भविष्य के चुनावों में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से वोटिंग कराने और 'प्री-एसआईआर' इलेक्टोरल रोल के इस्तेमाल की जोरदार वकालत की। खड़गे ने मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बैठक में शामिल होने वाली 19 से ज्यादा पार्टियों की लिस्ट साझा करते हुए कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरा विपक्ष एकजुट है। वहीं दूसरी ओर, बीजेपी ने इस बैठक पर तीखा पलटवार किया है।"बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने I.N.D.I.A. गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए इसे एक 'फ्लॉप शो' करार दिया।एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहा है, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की हार की बौखलाहट बता रहा है। बहरहाल, इस बैठक के बाद चुनावी मैदान और संसद में सियासी पारा और चढ़ने के पूरे आसार हैं।"
देश में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी घमासान जारी है। इसी बीच कोडरमा जिले के डोमचांच से भाजपा ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। डोमचांच नगर अध्यक्ष और भाजपा जिला कोषाध्यक्ष उमेश वर्मा ने प्रेस वार्ता कर कहा कि चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। डोमचांच में प्रेस वार्ता करते हुए भाजपा नेता उमेश वर्मा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस नोट ने सारी अफवाहों पर विराम लगा दिया है। आयोग ने साफ किया है कि SIR समेत सभी बड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। 24 जून 2025 के मूल आदेश से लेकर अलग-अलग राज्यों की समय-सारणी तक, हर निर्णय पर पूरे आयोग की सहमति है।उमेश वर्मा ने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे पत्र का SIR से कोई लेना-देना नहीं है। उसे SIR से जोड़कर पेश करना गलत है। वहीं Form-6 के घोषणापत्र को लेकर भी उन्होंने विपक्ष को घेरा और कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही उसकी वैधता को स्पष्ट कर चुका है। तो कुल मिलाकर भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है।
पटना : बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आत्मीय भेंट की. इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष में अपने एक माह के मानदेय के रूप में ₹2,25,000 (दो लाख पच्चीस हजार रुपये) का चेक समर्पित किया.झा ने कहा कि बिहार, विशेषकर मिथिला एवं चंपारण क्षेत्र में आई बाढ़ से अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं. विपदा की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ित परिवारों के सहयोग एवं राहत कार्यों के लिए अपने एक माह के मानदेय को समर्पित करना सामाजिक जिम्मेदारी के भाव से किया गया एक छोटा-सा प्रयास है. उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी बाढ़ पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया.भेंट के दौरान बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की ओर से किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई. विशेष रूप से मध्यमा परीक्षा-2027,संस्कृत शिक्षा के विस्तार,नए एवं प्रस्तावित संस्कृत विद्यालयों तथा संस्कृत विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के बेहतर वातावरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई.मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि बिहार में संस्कृत शिक्षा को व्यापक स्तर पर मजबूत करने के लिए विद्यालयों की शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है. मध्यमा परीक्षा-2027 में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा संस्कृत शिक्षा को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं.इस अवसर पर झा ने मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक विश्वप्रसिद्ध मखाना की माला,मिथिला पेंटिंग,मिथिला पेंटिंग की चादर एवं मिथिला पाग भेंट कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सम्मान किया तथा बिहार के निरंतर विकास एवं जनकल्याण के लिए शुभकामनाएँ दी.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गरीब,वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण,शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार,आधारभूत संरचना एवं जनसुविधाओं के क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है. बिहार विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है और जनकल्याण को विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है.झा ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सेवा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है,संस्कृत शिक्षा का विस्तार हमारा संकल्प है और विकसित बिहार हमारा लक्ष्य है.पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--
बक्सर : शारदीय नवरात्रि एवं आगामी हिन्दू धार्मिक पर्वों को देखते हुए विश्वामित्र सेना,बक्सर ने धार्मिक नगर बक्सर में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने की मांग की है.इस संबंध में संगठन की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी,बक्सर को पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है.विश्वामित्र सेना ने कहा कि बक्सर एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक नगरी है और यहां नवरात्रि सहित विभिन्न हिन्दू पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं.ऐसे में धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगाया जाना आवश्यक है.संगठन ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तथा बिहार सरकार द्वारा पूर्व में जारी संबंधित निर्णयों एवं आदेशों के आलोक में बक्सर नगर क्षेत्र में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए शीघ्र आवश्यक आदेश जारी किया जाए. साथ ही, आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. विश्वामित्र सेना ने प्रशासन से नवरात्रि एवं आगामी धार्मिक पर्वों के दौरान इस संबंध में प्रभावी निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है.
नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की आज अहम बैठक है। बैठक में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता अधिकार और चुनाव आयोग की भूमिका से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है। बिहार से जुड़े राजनीतिक संदर्भों को देखते हुए बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के नेता शामिल हो रहे हैं। इसमें चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची और वोटिंग से जुड़े सवालों को लेकर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी बैठक में शामिल हैं।इंडिया गठबंधन की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए जाते रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव के दौरान मतदाताओं के अधिकारों और वोटों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से लगाए गए आरोपों और आपत्तियों पर अलग-अलग मौकों पर जवाब दिया जाता रहा है।बैठक में बिहार की राजनीतिक स्थिति भी चर्चा का विषय बन सकती है। विपक्षी दल चुनाव से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच किस तरह उठाएंगे और आगे की राजनीतिक रणनीति क्या होगी, इस पर भी बातचीत संभव है।बैठक के बाद इंडिया गठबंधन के नेता मीडिया के सामने अपनी रणनीति और चर्चा के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दे सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि बैठक के बाद चुनावी प्रक्रिया को लेकर गठबंधन की ओर से क्या साझा रुख सामने आता है।
पटना: सम्राट सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक आज आयोजित होगी। बैठक में विभिन्न विभागों की ओर से भेजे गए कई प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। खास तौर पर रोजी-रोजगार और विकास से जुड़े मामलों को लेकर कैबिनेट में महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है।सरकार की ओर से अलग-अलग विभागों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने से संबंधित प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखे जा सकते हैं। इन प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सरकार की ओर से स्वीकृति दी जा सकती है।इसके अलावा राज्य में चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं को लेकर भी कैबिनेट में विचार-विमर्श होगा। सड़क, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और अन्य क्षेत्रों से संबंधित योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी पर फैसला हो सकता है।कैबिनेट बैठक को आगामी दिनों में सरकार की विकास प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अलग-अलग विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा के बाद जिन योजनाओं को मंजूरी मिलेगी, उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।रोजगार से जुड़े प्रस्तावों पर होने वाले फैसलों से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की सरकार की कोशिश को गति मिल सकती है। वहीं विकास योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद संबंधित विभागों के स्तर पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी।हालांकि, बैठक में किन-किन प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी मिलती है, इसकी तस्वीर कैबिनेट की बैठक के बाद आधिकारिक फैसलों के सामने आने पर स्पष्ट होगी।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
बेतिया: पश्चिम चंपारण में बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच लौरिया विधानसभा के भाजपा विधायक विनय बिहारी ने जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त राहत और सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए विधायक ने समाहरणालय परिसर में गमछा बिछाकर धरने पर बैठ गए.विधायक विनय बिहारी ने कहा कि,जैसी आपदा है,वैसी व्यवस्था नहीं है और मेरे पास भी कोई रास्ता नहीं है. उन्होंने मांग की कि बाढ़ प्रभावित लोगों को पॉलिथीन,राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए. विधायक का आरोप है कि कुछ इलाकों में राहत सामग्री पहुंची है,लेकिन कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी लोग सुविधाओं से वंचित हैं.धरने के दौरान विधायक ने शायरी के अंदाज में कहा—दुख है,दर्द है,मैं आह भर रहा हूं,अपने राजा के आने का इंतजार कर रहा हूं. ऊपर श्रीहरि,नीचे सम्राट चौधरी.विनय बिहारी ने कहा कि वह चाहते हैं कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करें और राहत व्यवस्था को दुरुस्त कराएं. उन्होंने कहा कि जब तक सम्राट चौधरी बाढ़ क्षेत्र का जायजा लेने नहीं आते,तब तक वह धरने से नहीं उठेंगे.विधायक के मुताबिक,वह करीब चार घंटे तक जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों से मिलने का इंतजार करते रहे,लेकिन मुलाकात नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने गमछा बिछाकर धरना शुरू कर दिया. धरने की सूचना मिलने के बाद बेतिया डीडीसी काजले वैभव नितिन ने विधायक से बातचीत शुरू की,लेकिन विधायक अपनी मांग पर कायम रहे.उन्होंने कहा कि,हेलीकॉप्टर गरजेगा,उसको देखेंगे और अपना गमछा उठाकर चले जाएंगे,लेकिन तब तक बैठे रहेंगे जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नहीं आएंगे.बेतिया से दीपक कुमार की रिपोर्ट-
बेगूसराय में युवती के साथ दुष्कर्म, मारपीट और कथित तौर पर अश्लील वीडियो बनाए जाने के मामले को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक हो गई है। उन्होंने बेगूसराय की घटना का जिक्र करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे और चुनावी बयानों को लेकर भी टिप्पणी की।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तंज कसते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए।बताया गया है कि बेगूसराय शहर के एक होटल में 27 सितंबर को युवती के साथ मारपीट और दुष्कर्म की घटना हुई। पीड़िता ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई और हथियार के बल पर दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि घटना का वीडियो भी बनाया गया और सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।पीड़िता की शिकायत के आधार पर नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो तथा घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। घटना को लेकर तेजस्वी यादव के बयान के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट