Ranchi:- झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज शुरू हो रहा है.इस सत्र के हंगामेदार होने के आसार है.हालंकि सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने को लेकर झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने सर्वदलीय बैठक बुलाई,जिसमें सत्तापक्ष के साथ ही विपक्षी पार्टी के नेता शआमिल हुए.

इस शीतकालीन सत्र में के पहले दिन 1932 खतियान के आधार पर झारखंडी पहचान विधेयक पर राज्यपाल की आपत्ति का संदेश सदन के अंदर पढ़ा जाएगा. राज्यपाल ने अपने आपत्ति के साथ संदेश विधानसभा को भेज दिया था.इसमें खतियान के आधार पर स्थानीयता की पहचान करते हुए नियोजन में प्राथमिकता देने के प्रावधान को मौलिक अधिकार का हनन बताया था.राज्य सरकार को राज्यपाल की आपत्ति पर विचार करना है.या फिर बिना संशोधन के वह दोबारा भेज सकती है. राज्य सरकार इस विषय को संविधान की नौंवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराया है.

इस सत्र को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, "झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से शुरू हो रहा है.हमने उसी को लेकर बैठक की.विधानसभा को नेता प्रतिपक्ष भी मिल गया. हमें उम्मीद है कि सत्र सार्थक होगा और मुद्दों का समाधान हो जाएगा." इसके अलावा संसद सुरक्षा उल्लंघन पर सीएम ने कहा कि स्पीकर ने मामले पर संज्ञान लिया है. देश की संसद में इस तरह की घटनाएं होना गंभीर चिंता का विषय है."


वहीं नवनियुक्त नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने कहा कि वे सत्र के दौरान जनता के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठायेंगे. उन्हौने कहा कि मैं अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता से झारखंड के 3.5 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करने और सरकार को लोगों के प्रति जवाबदेह बनाने का प्रयास करूंगा.वहीं कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी के रूप में जाना जाता है. हम धीरज साहू का मामला विधानसभा में उठाएंगे क्योंकि यह देश में अब तक की सबसे बड़ी आईटी छापेमारी है. यह पैसा झारखंड की जनता का है,"