सहदेई बुजुर्ग एसएफसी गोदाम में राशन की कम आपूर्ति और खराब गुणवत्ता का आरोप, आपूर्ति पदाधिकारी ने जांच कर दूसरा चावल देने का दिया निर्देश
वैशालीः
बिहार के वैशाली जिले में जनवितरण प्रणाली के तहत राशन की आपूर्ति में कथित गड़बड़ी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सहदेई बुजुर्ग प्रखंड स्थित एसएफसी गोदाम में निर्धारित मात्रा से कम राशन मिलने और चावल में कीड़े पाए जाने की शिकायत पर जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों ने नाराजगी जताई। डीलरों ने गोदाम प्रबंधन पर हर महीने राशन की मात्रा में कटौती करने और खराब गुणवत्ता का चावल देने का आरोप लगाया है।

तौल में 10 किलो का अंतर मिलने का दावा
डीलरों का आरोप है कि गोदाम से राशन उठाव के दौरान हर महीने दो से ढाई क्विंटल तक अनाज कम मिलता है। इसके अलावा, आपूर्ति किए जा रहे चावल में कीड़े लगे होने की शिकायत भी की गई।

अपनी शिकायत की जांच के लिए डीलर तराजू लेकर गोदाम पहुंचे। वहां अनाज की तौल के दौरान करीब 10 किलो का अंतर सामने आने की बात कही गई। इस कथित गड़बड़ी को लेकर डीलरों ने विरोध जताया और गोदाम में हंगामा किया।

मौके पर पहुंचीं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी
मामले की सूचना मिलने पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मोनिका शैलेश मौके पर पहुंचीं और स्थिति की जांच की। चावल की खराब गुणवत्ता की शिकायत पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही संबंधित अधिकारियों को खराब चावल के स्थान पर दूसरा और ताजा चावल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

घटना के बाद राशन की तौल और गुणवत्ता को लेकर गोदाम की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, राशन में कथित कमी और अनियमितताओं की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

राजापाकर विधायक ने जिलाधिकारी से की कार्रवाई की मांग
मामले की जानकारी मिलने के बाद राजापाकर के विधायक महेंद्र राम ने जिलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को इसकी सूचना दी। उन्होंने कथित अनियमितताओं की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

विधायक ने विभाग के प्रधान सचिव से भी गोदाम की जांच कराने की बात कही। उन्होंने एजीएम की अनुपस्थिति में गोदाम के संचालन पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

राशन की गुणवत्ता और मात्रा पर उठे सवाल
जनवितरण प्रणाली के तहत गरीब परिवारों को निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण अनाज उपलब्ध कराना जरूरी है। ऐसे में सहदेई बुजुर्ग एसएफसी गोदाम में कम तौल और कीड़ायुक्त चावल मिलने की शिकायत ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

वैशाली से रिशभ कुमार की रिपोर्ट