एंकर- बिहार पुलिस में बड़े पैमाने पर बहाली होगी. बिहार कैबिनेट ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दिया है. नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कुल 13 एजेंडों पर मुहर लगी. जिसमें सबसे महत्वपूर्ण फैसले की बात की जाए तो 75,544 पुलिसकर्मियों को बहाल करने का निर्णय लिया है. इसमें पहले चरण में 48,447 और दूसरे चरण में 19,288 पद भरे जाएंगे. वहीं डायल 112 के प्रथम चरण के लिए पुलिस संवर्ग एवं गैर पुलिस संवर्ग के कुल 7808 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. महागठबंधन सरकार बनने के बाद कैबिनेट का ये सबसे बड़ा फैसला है.

कहा जा रहा है कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद सरकार तेजस्वी के वादे के पर काम कर रही है. तेजस्वी यादव ने बिहार की जनता से वादा किया था कि अगर बिहार में महागठबंधन की सरकार बनती है तो 10 लाख सरकारी नौकरी दी जाएगी. इसी आलोक में माना जा रहा है कि नीतीश कैबिनेट ने यह बड़ा फैसला लिया है.


ऐसे भी पुलिस-पब्लिक अनुपात की बात की जाए तो राष्ट्रीय अनुपात की तुलना में बिहार में काफी कम है.जिसको दूर करने को लेकर नीतीश सरकार लगातार बहाली पर बहाली कर रही है. बिहार पुलिस की सुदृढ़ीकरण और जनसंख्या के अनुपात में आवश्यकता आधारित पुलिस की सीधी नियुक्ति की जाएगी.

हालांकि अब तक जितने भी नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने बांटे हैं,उस पर बीजेपी यह दावा करती है कि जब वह सरकार में शामिल थी,तबकि बहालियां थी और यह नियुक्ति पत्र सिर्फ आई-वाश करने के लिए दिया जा रहा है.

इसके अलावे बिहार कैबिनेट में राज्य के 2803 प्रारंभिक विद्यालयों के लिए बेंच और डेस्क के लिए 50 करोड़ रु की स्वीकृति दी है. वहीं, परसा, सोनपुर, पूर्णिया, बनमनखी, समस्तीपुर, दलसिंहसराय, रोसड़ा, बिहटा और दानापुर के निबंधन कार्यालय क्षेत्राधिकार का पुननिर्धारण करने का फैसला लिया गया है.