पटना: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानीSIR के विरोध में महागठबंधन का आंदोलन गुरुवार को सड़क पर उतर गया. पटना में तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजभवन मार्च निकाला. मार्च के दौरान पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया.
महागठबंधन के नेताSIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राजभवन की ओर बढ़ रहे थे. पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठाया गया.
प्रदर्शन को देखते हुए पटना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. संवेदनशील इलाकों में पांच लेयर की बैरिकेडिंग की गई थी और बड़ी संख्या में पुलिस तथाRAF के जवानों को तैनात किया गया. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन भी मौके पर रखा गया था.
तेजस्वी यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके वाहन के आसपास बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुट गए. इस दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला.
महागठबंधन नेSIR के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया था. सात अक्टूबर को राज्य के सभी534प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च और पुतला दहन किया गया. इसके बाद आठ अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और पटना में राजभवन मार्च का कार्यक्रम तय था.
विपक्ष का आरोप है किSIR की प्रक्रिया को लेकर उसकी आपत्तियों का उचित जवाब नहीं दिया गया है. साथ ही विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
