DESK : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कल के दिन देश संविधान का उत्सव मनाएगा। अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना हम भारत लोग से शुरू होती है। ये शब्द हमारे संविधान के मूल भाव को रेखांकित करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि देश स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ते हुए अमृत काल के प्रारंभिक दौर से गुजर रहा है।


राष्ट्रपति अपने संबोधन में आगे कहा कि देश के वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ पहले से कहीं अधिक ऊंचे लक्ष्य हासिल कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक क्रांतिकारी पहल बताया। उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण के लिए एक क्रांतिकारी पहल साबित होगा। यह हमारे शासन की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में भी काफी मदद करेगा।