रांची:विजयादशमी को लेकर राजधानी रांची में उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर रांची स्थितJAP-1परिसर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अस्त्र-शस्त्र पूजन के साथ नौ कन्याओं की पूजा की जा रही है।
अस्त्र-शस्त्र पूजन के जरिए शक्ति,साहस,अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया जा रहा है। वहीं,कन्या पूजन के माध्यम से नारी शक्ति के सम्मान और कन्याओं में मां दुर्गा के स्वरूप की आराधना की जा रही है।
क्या हैJAP-1में अस्त्र-शस्त्र पूजन और कन्या पूजन की परंपरा?
विजयादशमी पर अस्त्र-शस्त्र पूजन की परंपरा शक्ति,शौर्य और धर्म की रक्षा के संकल्प से जुड़ी मानी जाती है। वहीं,नौ कन्याओं का पूजन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। इन परंपराओं के माध्यम से समाज को साहस,सेवा,सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया जाता है।
JAP-1में निभाई जा रही इन परंपराओं के पीछे की धार्मिक मान्यताएं,सांस्कृतिक महत्व और श्रद्धालुओं की आस्था को समझने के लिए हमारी सहयोगी करिश्मा सिन्हा ने श्रद्धालुओं से बातचीत की।
रांची से करिश्मा सिन्हा की रिपोर्ट

