PATNA : बिहार में नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने के मकसद से सक्षमता परीक्षा सोमवार से शुरू हो रही है लेकिन इससे पहले इसका विरोध शुरू हो गया है। सूबे में नियोजित शिक्षकों से जुड़े प्रभावशाली संगठन बिहार शिक्षक एकता मंच ने सक्षमता परीक्षा का विरोध करने का फैसला लिया है।


सक्षमता परीक्षा से पहले विरोध शुरू

संगठन के संयोजक प्रदीप कुमार पप्पू ने नियोजित शिक्षकों से सक्षमता परीक्षा का एडमिट कार्ड जलाने की अपील की है। इससे पहले शनिवार को संपन्न हुई बैठक में बिहार शिक्षक एकता मंच ने पटना सहित सभी 38 जिला मुख्यालयों में सक्षमता परीक्षा का एडमिट कार्ड जलाने का फैसला किया है।

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बिहार शिक्षक एकता मंच का बड़ा फैसला

इसी के साथ ही नियोजित शिक्षकों से परीक्षा में नहीं बैठने की अपील की गई है। बिहार शिक्षक एकता मंच ने सरकार को दो दिनों का अल्टीमेटम भी दिया है। वहीं, 28 फरवरी को नियोजित शिक्षक अपने-अपने इलाकों के विधायकों का घेराव भी करेंगे।

दरअसल, बिहार में 3 लाख 60 हजार नियोजित शिक्षक हैं और इन्हीं को राज्यकर्मी का दर्जा देने के मकसद से सक्षमता परीक्षा का आयोजन हो रहा है। परीक्षा की जिम्मेदारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दी गई है। हालांकि, ये साफ नहीं हो सका है कि परीक्षा के लिए कितने नियोजित शिक्षकों ने फॉर्म भरा है।

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दूसरी ओर नियोजित शिक्षकों से जुड़े एक शिक्षक संघ टीइटी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम ने नियोजित शिक्षकों से परीक्षा में बैठने की अपील की है। उनका कहना है कि शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने सदन में आश्वासन दिया है लिहाजा विरोध का कोई मतलब नहीं है।