Desk: बिहार सरकार ने आनंद मोहन को छोड़ने का आदेश किया जारी। आनंद मोहन के साथ 27 लोगों को छोड़ने का आदेश जारी। कारा निदेशक ने इस बात की पुष्टि की है।
बिहार सरकार ने परिहार कानून में संसोधन किया है. आनंद मोहन को इसका लाभ मिलेगा. 10 अप्रैल को नीतीश सरकार ने बिहार राज्य कारा हस्तक 2012 के नियम-481(i) (क) में संशोधन किया है. कारा हस्तक 2012 के नियम-481(i) (क) में संशोधन के बाद सरकारी सेवक की हत्या के दोषी के रिहाई के मामले में अब इसे एक साधारण हत्या मानी जाएगी.सरकारी सेवक की हत्या मामले में दोषियों की जेल से रिहाई के लिए बिहार सरकार के आदेश की जरूरत नहीं होगी. जेल में सजा की अवधि पूरी होने के बाद खुद ही सामान्य रिहाई के प्रावधानों के तहत रिहाई हो जाएगी.
बता दें 1994 को गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की गोली मारकर हत्या हुई थी. इस मामले में आनंद मोहन को सजा हुई थी. आनंद मोहन को साल 2007 में डीएम जी कृष्णैया हत्या मामले में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था और फांसी की सजा सुनाई थी. 2008 में पटना हाईकोर्ट की ओर से ही इस सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया गया. 14 साल की सजा आनंद मोहन काट चुके हैं. पिछले चार महीने में वह तीन बार पैरोल पर बाहर आ चुके हैं. अभी बेटे आरजेडी विधायक चेतन आनंद की सगाई है. आनंद मोहन अभी पैरोल पर जेल से बाहर आए हुए हैं. बता दें कि आरजेडी विधायक चेतन आंनद का उपनयन 16 अप्रैल को है और सगाई 24 अप्रैल को है. शादी तीन मई को देहरादून में होने वाली है.

