रांची में दुर्गा पूजा को लेकर सेवा और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां तेज हो गई हैं। लगातार पांचवीं बैठक में पूजा से जुड़ी समस्याओं, उनके समाधान और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर मंथन किया गया। करीब 300 से 400 सदस्य चार दिनों तक अलग-अलग पूजा पंडालों और क्षेत्रों में सेवा कार्य संभालेंगे।
पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसे लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बैठक में पूजा से जुड़ी समस्याओं के समाधान और जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर चर्चा की गई।
करीब 300 से 400 सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों और पूजा पंडालों में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और चार दिनों तक मां भवानी के भक्तों की सेवा करेंगे। सभी सदस्यों का नाम, फोटो और पहचान संबंधी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आयोजकों के मुताबिक, यह सेवा कार्य लगातार 37 वर्षों से जारी है। इस बार भी विसर्जन तक पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य कार्यालय का उद्घाटन प्रयागराज में होगा, जबकि सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा कार्य संभालेंगे। पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
