झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सिस्टम और डीप डिप्रेशन के असर से पूरे राज्य में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने आज (25 सितंबर) को राज्य के कई हिस्सों में मूसलधार बारिश, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। पलामू, गढ़वा, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, हजारीबाग और लातेहार समेत कुल 7 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।सबसे ज्यादा असर कोल्हान प्रमंडल यानी पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में देखने को मिल रहा है। लौहनगरी जमशेदपुर में कल देर रात से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है।

  • जलजमाव और मुश्किलें: मानगो, जुगसलाई, साकची और कदमा के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है।

  • जनजीवन प्रभावित: लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण व्यस्त बाजारों में सन्नाटा पसरा है। स्कूली बच्चों और रोजमर्रा के काम से निकलने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।तापमान में गिरावट से ठंडक जरूर बढ़ी है, लेकिन दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है क्योंकि उनका कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया है।इस बिगड़ते मौसम को देखते हुए जमशेदपुर की जीवनदायिनी नदियां—स्वर्णरेखा और खरकई—के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।जुगसलाई, बागबेड़ा, शास्त्रीनगर और भुइयांडीह जैसे तटीय इलाकों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।जलभराव से निपटने के लिए नगर निकायों की त्वरित टीमों (Rapid Action Teams) को तैनात किया गया है।
    मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि इस दौरान राज्य में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल आशंका है। प्रशासन की ओर से आम जनता से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, जल स्रोतों और बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल शरण न लें।

    • किसानों को खेतों में काम करते वक्त अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों तक झारखंड में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहने का अनुमान है।