निरसा में MPL प्रबंधन और भाकपा-माले के बीच टकराव एक बार फिर तेज हो गया है.12 सूत्री मांगों को लेकर माले ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।निरसा विधायक अरूप चटर्जी के नेतृत्व में सोमवार को MPL के खिलाफ अनिश्चितकालीन गेट जाम शुरू कर दिया गया।सुबह होते ही बड़ी संख्या में माले कार्यकर्ता MPL के मुख्य गेट पर पहुंच गए और कंपनी के गेटों पर पार्टी का झंडा लगाकर परिचालन रोक दिया।यानी संदेश साफ है—मांगें पूरी होने तक आंदोलन नहीं रुकेगा!MPL के गेट पर लाल झंडों का कब्जा भी देखा गया.कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की.
माले का आरोप है कि पहले भी आंदोलन के दौरान प्रबंधन ने मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। करीब 16 घंटे तक चले गेट जाम के बाद आश्वासन के आधार पर आंदोलन स्थगित किया गया था।लेकिन विधायक अरूप चटर्जी का दावा है कि आश्वासन के बाद भी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।इसी को लेकर इस बार माले ने अपना रुख और सख्त कर लिया है।अरूप चटर्जी ने साफ शब्दों में कहा है कि इस बार सिर्फ धरना नहीं...
बल्कि अनिश्चितकालीन गेट जाम होगा।
जब तक 12 सूत्री मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है।
यानी MPL प्रबंधन के सामने अब सीधी चुनौती है—
बातचीत से समाधान होगा या टकराव और बढ़ेगा?
फिलहाल गेट जाम के कारण MPL का परिचालन प्रभावित है और औद्योगिक इलाके में इस आंदोलन ने राजनीतिक तापमान भी बढ़ा दिया है।
अब निगाहें MPL प्रबंधन के अगले कदम पर हैं...
क्योंकि माले पहले ही साफ कर चुका है—
इस बार आश्वासन नहीं, मांगों पर कार्रवाई चाहिए!
