यह खबर गढ़वा से है जहां रंका अनुमंडल मुख्यालय और ग्रामीण क्षेत्रों में इस साल का दुर्गा पूजा का पावन पर्व हर्षोल्लास और पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया।मंगलवार को मां के भक्तों ने नम आंखों से जगत जननी मां दुर्गा को विदाई दी। रंका के बाजार दुर्गा मंडप, थाना मोड़ दुर्गा मंडप, सलेया और पाल्हे भलपहरी दुर्गा मंडप की प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ चौधरी मुहल्ला स्थित बड़ा तालाब में विसर्जित किया गया। जय दुर्गे और शुभ महासप्तमी-दशमी' के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। विसर्जन जुलूस में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तगण भक्ति गीतों की धुन पर झूमते और मां के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे, जिससे पूरे रास्ते में श्रद्धा और उत्सव का एक अदभुत माहौल बना रहा।

इस पूरे विसर्जन जुलूस को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। जगह-जगह भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह, सीओ शिवपूजन तिवारी, पुलिस निरीक्षक अभिजीत गौतम, थाना प्रभारी विष्णुकांत, एसआई अनिल हेंब्रम और सफीउल्लाह अंसारी ने संभाली, जिनकी सक्रियता से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।इस पावन अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जिनमें श्यामसुंदर प्रसाद, रंजीत कुमार जायसवाल, राजेश कुमार मद्धेशिया, किशोर कुमार, उत्तम पांडेय, और विकास पाल समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक शामिल थे।

वहीं, झारखंड के गुमला से एक और सुखद खबर सामने आई, जहां दशहरा की भारी भीड़ में अपने पिता से बिछड़े एक ढाई साल के मासूम को गुमला पुलिस ने मात्र दो घंटे के भीतर खोजकर उसके परिजनों से मिला दिया। पुलिस के इस मानवीय कार्य की हर तरफ सराहना हो रही है।