झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा स्थित पुराने विधानसभा सभागार में 'झारखंड सेवा रत्न अवॉर्ड 2026' का भव्य आयोजन किया गया। यह प्रतिष्ठित समारोह विश्व सेवा परिषद की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य और समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली 20 महान विभूतियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक झारखंडी गीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ हुई। इस गरिमामयी समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा के लोकप्रिय विधायक और निधि अनुश्रवण समिति के सभापति श्री सीपी सिंह रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में रांची नगर निगम की मेयर श्रीमती रोशनी खलखो ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।समारोह की अध्यक्षता विश्व सेवा परिषद के संस्थापक, अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डॉ. बी.बी. राज ने की।इस दौरान मंच से वक्ताओं ने कहा कि समाज और राज्य के विकास में विभिन्न क्षेत्रों में निष्ठा से काम करने वाले लोगों की भूमिका सबसे अहम होती है। ऐसे आयोजनों से न केवल कर्मवीरों का हौसला बढ़ता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी समाज सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।"

आइए अब नजर डालते हैं उन क्षेत्रों और शख्सियतों पर जिन्हें इस साल 'झारखंड सेवा रत्न' से नवाजा गया

  • शिक्षा के क्षेत्र में: धनंजय कुमार सिंह, सीमा तिवारी, डॉ. स्मृति कन्ना घोष, मधु सुदन साह और डॉ. नंद किशोर कुमार को सम्मानित किया गया

  • कंप्यूटर इंजीनियरिंग सेवा: डॉ. पार्थ पाल को यह गौरव प्राप्त हुआ

  • समाज सेवा: ब्रजेश शर्मा, राम नारायण भगत और कमल मुंडा को समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया

  • चिकित्सा और विज्ञान: होम्योपैथिक चिकित्सा के लिए डॉ. अभय कुमार मिश्रा, औषधि विज्ञान के लिए प्रो. डॉ. बारिज नयन सिन्हा, और चिकित्सा सेवा के लिए राहुल कुमार आनंद को यह सम्मान मिला

  • अन्य प्रमुख क्षेत्र: सांस्कृतिक सेवा के लिए हरि शंकर महली, कोरोना वॉरियर्स सेवा के लिए सच्चिदानंद मिश्रा, साहित्य सेवा के लिए डॉ. गोपाल प्रसाद अग्रवाल, पुलिस प्रशासनिक सेवा के लिए गौरी नाहा महाचर्या, महिला सशक्तीकरण के लिए पुनम मालतो, प्रशासनिक सेवा के लिए सीता राम भगत, और भोजपुरी लोकगायन कला सेवा के लिए आशुतोष द्विवेदी को सम्मानित किया गया