खून का रिश्ता सिर्फ अपनों से नहीं होता… कभी-कभी किसी अनजान की जिंदगी बचाकर भी इंसानियत का रिश्ता कायम हो जाता है.सीसीएल ढोरी क्षेत्र के केंद्रीय अस्पताल में सोमवार को आयोजित रक्तदान शिविर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला.सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के तहत आयोजित शिविर में कई लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर किसी अनजान जरूरतमंद की जिंदगी के नाम अपना रक्त समर्पित किया.यहां न कोई पहचान पूछी गई, न कोई रिश्ता तलाशा गया.बस एक ही जज़्बा था जरूरत के वक्त किसी की जिंदगी बच सके. रक्तदान के लिए आगे आए कर्मियों के इस कदम ने शिविर को महज एक आयोजन नहीं रहने दिया, बल्कि इसे इंसानियत के खूबसूरत पैगाम में तब्दील कर दिया.शिविर स्थल पर एक और तस्वीर लोगों को अपनी ओर खींच रही थी.

कर्मियों ने अपने हाथों से रक्तदान जागरूकता के संदेश लिखकर तख्तियां तैयार की थीं, जिन्हें दीवारों पर लगाया गया था. कागज पर लिखे ये छोटे-छोटे अल्फाज दरअसल एक बड़ा संदेश दे रहे थे.रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, इसे इंसान ही इंसान को दे सकता है.सतर्कता अभियान के बीच रक्तदान का यह सिलसिला जैसे सच्ची जिम्मेदारी का आईना बन गया.एक ओर सत्यनिष्ठा और जागरूकता का पैगाम, तो दूसरी ओर जरूरतमंदों के लिए रक्तदान का जज़्बा.

कर्मियों की यह पहल शायद शिविर खत्म होने के बाद भी अपना असर छोड़ जाएगी, क्योंकि आज दिया गया रक्त किसी अस्पताल में किसी मां की उम्मीद, किसी पिता की सांस, किसी बच्चे की मुस्कान या किसी परिवार की खुशियां बचा सकता है.यही तो इंसानियत है.जिसे जानते तक नहीं, उसके लिए भी दिल से कुछ कर गुजरना.