झारखंड विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए आंदोलन जारी है, लेकिन भाजपा चुनाव आयुक्त को बचाने में जुटी हुई है।

प्रदीप यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी मुखर होकर विरोध नहीं करती, तो झारखंड में एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कट सकते थे। उन्होंने आशंका जताई है कि एसआईआर के तहत अब भी 50 लाख लोगों के नाम सूची से काटे जाने की साजिश रची जा रही है।

यादव ने कहा कि झारखंड के गरीब, गुरबा, आदिवासी और पिछड़े लोग अपनी रोजी-रोटी में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें इन तकनीकी प्रक्रियाओं से फुर्सत नहीं मिलती। लेकिन जब राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर पुरजोर विरोध किया, तब जाकर अंतिम तिथि (डेडलाइन) बढ़ाई गई। इसके बावजूद, अब भी 50 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने का खतरा बना हुआ है।