आज, बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को पूरा देश उन वीर पुलिसकर्मियों को याद कर रहा है जिन्होंने जनसेवा और देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। आज 'पुलिस स्मृति दिवस' (Police Commemoration Day) के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में शहीद पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस वर्ष झारखंड के तीन वीर शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान को विशेष रूप से याद किया गया। पुलिस मुख्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।इस अवसर पर डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि पुलिस की नौकरी बेहद कठिन और चुनौतियों से भरी होती है। विपरीत परिस्थितियों, भारी तनाव और कई प्रकार के जोखिमों के बावजूद हमारे पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करते हैं। उन्होंने कहा कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए कई बार जवानों को अपने व्यक्तिगत जीवन और सुखों का त्याग करना पड़ता है, लेकिन वे कभी अपने मार्ग से पीछे नहीं हटते। इन अमर शहीदों का यह बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

अब ऐसे में जहां एक तरफ जहाँ पूरा देश अपने शहीदों को नमन कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ झारखंड में इस समय दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन का महापर्व भी पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ मनाया जा रहा है। विसर्जन के इस पावन अवसर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड में लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी मिलाकर लगभग 5,600 दुर्गा पूजा पंडाल हैं। इन सभी पंडालों से प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया आज बुधवार से शुरू हो चुकी है, जो अगले तीन दिनों तक चलेगी।

इस विशाल आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं

  • राज्यभर में लगभग 14,000 पुलिसकर्मियों के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक पुख्ता कंटीजेंसी प्लान (Contingency Plan) तैयार किया गया है, और अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को भी मुस्तैद रखा गया है।इतना ही नहीं भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर (Face Recognition Software) का भी बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. इसके जरिए न केवल संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, बल्कि भीड़भाड़ में किसी के बिछड़ने या लापता होने की स्थिति में उसकी पहचान करने में भी मदद मिलेगी।
    प्रशासन ने राज्य की जनता से अपील की है कि वे शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ दुर्गा पूजा का समापन करें तथा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस व प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस और प्रशासन अपनी पूरी ताकत झोंक चुका है, लेकिन हर पर्व की सफलता में आम जनता का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण होता है। हमें विश्वास है कि सभी के आपसी सहयोग से झारखंड में यह विसर्जन पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न होगा।