NAWADA :नवादा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर दलित टोले में दबंगों द्वारा फायरिंग कर दहशत पैदा कर कई दलित परिवार के घरों में की गई आगजनी की घटना की जांच करने CPM की 6 सदस्यीय टीम पहुंची है। वहीं, पीड़ित परिवार से मिलकर घटना से संबंधित जानकारी हासिल की।

जांच टीम को वहां पुलिस निरीक्षक ने घटनास्थल पर जाने से रोका लेकिन अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश के बाद जांच टीम घटनास्थल पर पहुंची और घटना की पूरी जानकारी पीड़ित परिवार से प्राप्त की। वहां उपस्थित रामप्रीत मांझी, मिथिलेश मांझी, मारो देवी, रामेश्वरी देवी, किशोरी रविदास, संजय रविदास आदि ने बताया कि पिछले वर्ष भी सामंती अपराधियों ने जमीन से बेदखल करने के लिए हम लोगों पर हमला किया था लेकिन पूर्व में मुफस्सिल थाना अनुसूचित जाति थाना में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

जांच टीम ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। जांच टीम की ओर से सीपीएम के राज्य सचिव ललन चौधरी ने कहा कि वर्षों से गरीब जमीन पर बसे हुए हैं लेकिन प्रशासन ने उन्हें वास गीत पर्चा निर्गत नहीं किया। पिछले साल भी अप्रैल महीने में गरीबों पर हमले हुए उस वक्त अगर हमलावरों पर कार्रवाई होती तो शायद सामंती अपराधी गरीबों पर दोबारा हमला नहीं करते। सामंती शक्तियों ने जमीन पर आधिपत्य जमाने के लिए दलितों पर हमला कराया है।

नवादा पहुंची CPM की छह सदस्यीय टीम, पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, घटना की कड़े शब्दों में की निंदा

राज्य सरकार जमीन से जुड़े विवादों का निपटारा नहीं कर रही है, जिसके कारण अभी भी हिंसक वारदातें होती रहती है। उन्होंने कहा कि 15 एकड़ जमीन पर गरीब बसे हुए हैं। जिला प्रशासन उन्हें अविलंब पर्चा निर्गत करें। प्रशासन द्वारा मात्र 30 से 40 परिवारों को सहायता राशि दी गई है जबकि वहां 80 महादलित परिवार बसे हुए हैं। उन्हें सहायता राशि नहीं दी गई है।

उन्होंने सभी को अविलंब सहायता राशि देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि कैंप में खाने-पीने की जो व्यवस्था की गई है, उसमें गुणवत्ता की कमी है और उसमें अपेक्षित सुधार की जरूरत है। दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य महासचिव श्याम भारती ने कहा कि बिहार में भाजपा के समर्थन से सरकार बनने के बाद दलित , महादलित और कमजोर वर्गों पर हमलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सामंतियों ने दलित वर्ग को आगे कर दलितों पर हमला कराया है, जो बहुत निंदनीय है।

दलितों से अपील है कि अपनी एकता को बरकरार रखते हुए सामंतियों के झांसे में नहीं आएं। एनडीए की सरकार अगर समय रहते जमीन विवाद को हल करने में कामयाब रहती तो शायद ऐसी बर्बरता जुल्म दलितों पर ढाया नहीं जाता। उन्होंने बचे हुए सभी नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के जरिए सजा देने की मांग की है।

नवादा पहुंची CPM की छह सदस्यीय टीम, पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, घटना की कड़े शब्दों में की निंदा

जांच टीम ने बसे हुए परिवारों को अविलंब पर्चा देने, शेष बचे हुए अभियुक्तों को गिरफ्तार करने और सभी अग्निपीड़ितों को सहायता राशि देने की मांग को लेकर 4 अक्टूबर को नवादा जिला मुख्यालय पर प्रतिवाद मार्च आयोजित करने की घोषणा की है।

जांच टीम में सीपीएम राज्य सचिव ललन चौधरी, दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य महासचिव श्याम भारती, नवादा सीपीएम जिला सचिव नरेशचंद्र शर्मा, पार्टी के वरिष्ठ नेता रामजतन सिंह, विपिन कुमार, मुकुलेश प्रसाद आदि शामिल थे।