Patna:-बिहार के सरकारी स्कूलों में child first और teacher first की नीति को लागू करने पर जोर दिया जा रहा है और इसके लिए सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा..ये बातें राज्य के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कही है.
शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने ये बातें विभाग के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक के दौरान कही है.शिक्षा मंत्री ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि हमारा प्रयास टीम वर्क के रूप में काम करने का है और विभाग की छवि को सुधारने के साथ-साथ child first और teacher first की नीति अपनाने का है. हम सभी को यह प्रयास करना है कि सभी बच्चों को न सिर्फ गुणवत्ता वाली शिक्षा मिले बल्कि उन्हें शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षकों को भी अपने नियमित कार्य में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो..इसके साथ ही कोई बच्चा तीन-चार दिन स्कूल नहीं आ रहा है तो शिक्षकों को देखना चाहिए कि वह बच्चा आखिर स्कूल क्यों नहीं आ रहा है। उस बच्चे के अभिभावक से संपर्क कर उसे नियमित रूप से स्कूल आने को सुनिश्चत कराना होगा.
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक महीने के तीसरे शनिवार को सभी जिला में कैंप का आयोजन होगा जिसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. जून माह के तीसरे शनिवार अर्थात 18 जून से प्रारंभ कर लिया जाएगा और प्रत्येक माह में यह आयोजन होगा इसी प्रकार सेवा नृर्वित एवं अन्य कर्मियों के सेवानिवृत्ति उपरांत उनके भुगतान संबंधित किसी भी समस्या का निराकरण के लिए प्रत्येक माह के प्रत्येक शनिवार को 11:00 बजे कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में बैठक आयोजन होगा जिसमें समीक्षा की जाएगी ।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी कार्य दिवस में शिक्षकों की कमी को किसी भी कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े यह सुनिश्चित किया जाए और यदि ऐसा पाया गया तो कार्यालय में लंबित होगा उसपर विभागीय कार्रवाई करेगी .कक्षा 9 में प्रवेश के लिए 1 जुलाई से 15 जुलाई तक अभियान चलाया जाएगा जिसमें 8 वीं के पास आउट अधिक से अधिक छात्रों का नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा. इसके अलावा उनके स्कूल आने की पूरी जानकारी उनके अभिभावक को देने का काम करेंगे। बिहार के 80 हजार माध्यमिक प्राथमिक और उच्च विद्यालय में व्यवस्था को लागू किया जाएगा.

