चतरा:जिले के कुंदा में मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. जहां एक तरफ स्वासथ्य विभाग सुरक्षित प्रसव के लिए दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी 'ममता वाहन' का बारात में उपयेग किा जा रहा. प्रसव पीड़ा से तड़पती एक महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ममता वाहन नहीं मिला, क्योंकि वह मरीजों की जगह बाराती को ढोहने में व्यस्त था. यह मामला संज्ञान में आने के बाद चतरा डीसी ने जांच के आदेश दिए है. आखिरकार कब तक सिस्टम का खामियाजा गरीबों को भगतना पड़ेगा.

टिकुलियाटांड़ गांव की संजू देवी जब प्रसव के असहनीय दर्द से तड़प रही थी,तब सरकारी ममता वाहन बारात की बुकिंग में व्यस्त था. सहिया दीदी के फोन करने पर मालिक ने जवाब दिया कि "गाड़ी बारात में गई है, निजी व्यवस्था कर लो. हार मानकर देवर ने अपनी बाइक पर बिठाकर जान जोखिम में डालकर पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया.

हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि अस्पताल पहुंचने पर वहां ताला लटका हुआ मिला. परिजनों ने जब खुद दरवाजा खोला तो वहां आधे से ज्यादा स्टाफ गायब था.

डीसी रवि आनंद ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि ममता वाहन बारात गया था. सवाल यह है कि क्या इन लापरवाह अधिकारियों और वाहन मालिकों पर सिर्फ जांच होगी या कोई सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.