पटना : बिहार में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर किसानों पर भारी पड़ रहा है. लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है. सबसे ज्यादा प्रभावित धान की फसल हुई है. इसके अलावा केला और सब्जियों की खेती को भी काफी क्षति पहुंची है. कृषि वैज्ञानिकों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस बार राज्य में धान उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है.


पिछले 48 घंटों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण खेतों में तैयार हो चुकी धान की फसल गिर गई है. इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. खेतों में गिरने के कारण धान की गुणवत्ता भी प्रभावित होने की आशंका है. जिन किसानों की फसल पककर तैयार हो चुकी थी, उन्हें सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.


किसानों पर पड़ी प्रकृति की दोहरी मार


इस साल बिहार के किसानों को मौसम की लगातार मार झेलनी पड़ी है. मानसून के दौरान कई इलाकों में बारिश की कमी के कारण धान की खेती प्रभावित हुई. इसके बाद नदियों में आई बाढ़ ने भी खेतों और फसलों को नुकसान पहुंचाया. अब फसल तैयार होने के समय चक्रवात अर्णब के कारण हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी है.


रबी फसलों की बुवाई पर भी पड़ेगा असर


बेमौसम बारिश का प्रभाव केवल खरीफ फसलों तक सीमित नहीं रहेगा. खेतों में अत्यधिक नमी और जलजमाव के कारण आगामी रबी सीजन की खेती भी प्रभावित होने की आशंका है. खासकर दलहन और तेलहन फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है. इससे किसानों का कृषि कैलेंडर प्रभावित होने के साथ उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है.


शनिवार शाम से सुधरेगा मौसम


मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, शनिवार सुबह तक उत्तर बिहार में बारिश की संभावना बनी रहेगी. शनिवार दोपहर से दक्षिण बिहार और देर शाम तक उत्तर बिहार में बारिश थमने के आसार हैं. रविवार को धूप निकलने और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने का अनुमान है. फिलहाल किसानों को मौसम में सुधार का इंतजार है.


पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-