JAMUI:-क्रिसमस डे की छुट्टी पर प्रेमी अपने प्रेमिका के घर चुपके सेे गिफ्ट देने पहुंचा था,और जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने पकड़ ब्याह करा दिया.बाद में प्रेमिका के माता-पिता ने भी आशीर्वाद देकर बेटी को विदा किया.
मामला जमुई और पटना जिला से जुड़ा हुआ है.मिली जानकारी के अनुसार पटना के पंडारक निवासी राम सेवक कुमार और जमुई के बरहट क्षेत्र के जावातरी गांव की आरती का चार साल पहले रॉग नंबर से पहली बात हुई,फिर बातों का सिलसिला आगे बढ़ा,दोनो एक दूसरे की बातों से प्रभावित हुए और अक्सर एक दूसरे से मिलने-जुलने लगे.रामसेवक पंडारक से ट्रेन पकड़ कर जमुई स्टेशन आता था और आरती भी वहां पहुंचती थी,जिसके बाद वह कई घंटे तक बातचीत करके वापस अपने अपने घर लौट जाते थे.दोनो की एक दूसरे की प्रति चाहत इतनी बढ़ी कि दोनो ने एक दूसरे का जीवनसाथी बनने का फैसला कर लिया.इस शादी को लेकर दोनो अपने अपने परिवार से बात भी करना चाहते थे.इसी बीच क्रिसमस की छुट्टी पर रामसवेक आरती से मिलने जमुई पहुंचा.आरती के माता-पिता क्रिसमस को लेकर बाहर घूमने निकले तो घर आरती ने रामसेवक को अपने घर में ही बुला लिया.

इस बीच रामसेवक को आरती के घर मे जाते देख कुछ महिलाओं ने देख लिया.इसकी जानकारी आस-पास के लोगों को दे दी,फिर क्या था ग्रामीण एकजुट हुए और रामसेवक एवं आरती को घर के अंदर बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया.इस बीच रामसेवक और आरती ताला खोलने का गुहार लगाते रहे.ग्रामीणों ने गेट नहीं खोला तो दोनों ने शादी करने के बात कहीं। फिर लड़की के माता-पिता को जानकारी दी गई। जानकारी मिलते ही लड़की के माता-पिता मौके घर लौटे दोनों को आशीर्वाद दिया।
आरती की मां अनीता देवी ने बताया की आरती को फोन पर बात करते देखे थे .आरती कहती थी कि मेरी शादी जल्द करा दो। हम आज चर्च गए थे बेटी को भी जाने को बोले लेकिन वह नहीं गई ।लड़की के पिता शंकर दास ने बताया कि ग्रामीणों ने फोन पर मामले की जानकारी दी।तो वे आये अब दोनो ने शादी का फैसला किया तो ग्रामीणों के सहयोग से शादी करवा दी गयी.इस शादी से वे भी खुश हैं क्योंकि बच्चें की खुशी में ही मां-पिता की खुशी है.
वहीं प्रेमी से दूल्हा ने रामसेवक ने बताया हम माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं ।आज छुट्टी था इसलिए आरती से मिलने जमुई पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने पकड़ लिया और हम दोनों की शादी कर दी. इसकी जानकारी अपने माता-पिता को दे दिए हैं।

