पटना:बिहार विधानसभा में लंबित याचिकाओं,शून्यकाल सूचनाओं और सरकारी आश्वासनों के निष्पादन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. मंगलवार को विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभिन्न विधानसभा समितियों के कामकाज की समीक्षा के दौरान उन्होंने लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने और नियमित निगरानी करने पर जोर दिया.

644 याचिकाओं में 203 के जवाब लंबित

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कुल 644 याचिकाओं में से 441 के जवाब प्राप्त हो चुके हैं,जबकि 203 याचिकाओं के उत्तर अब भी लंबित हैं. इन मामलों के निष्पादन के लिए अब तक 32 विभागीय बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं. शेष मामलों में भी संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.

498 शून्यकाल सूचनाओं के उत्तर बाकी

विधानसभा के द्वितीय सत्र के दौरान कुल 980 शून्यकाल सूचनाएं स्वीकृत हुई थी. इनमें से 482 के जवाब मिल चुके हैं,जबकि 498 के उत्तर अभी प्राप्त नहीं हुए हैं. इसके अलावा,388 ध्यानाकर्षण सूचनाओं में 36 को सरकारी वक्तव्य के लिए स्वीकृत किया गया और 344 सूचनाएं लिखित उत्तर के लिए संबंधित विभागों को भेजी गई.

तीन स्मार पत्र के बाद मुख्य सचिव को पत्र

लंबित सरकारी आश्वासनों की समीक्षा में बताया गया कि 450 आश्वासनों पर कार्रवाई पूरी की जा चुकी है. अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने निर्देश दिया कि संबंधित विभागों को नियमित रूप से स्मार पत्र भेजे जाएं. तीन स्मार पत्र भेजने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

उन्होंने कहा कि विधानसभा समितियां जनहित के मुद्दों के समाधान और सरकार की जवाबदेही तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इसलिए लंबित मामलों की नियमित समीक्षा होनी चाहिए और उनके निष्पादन में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-