राजधानी पटना में मंगलवार को नई आपातकालीन सायरन प्रणाली का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से यह परीक्षण दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच किया जाएगा। इस दौरान सायरन की अलग-अलग तरह की आवाजें करीब दो से तीन किलोमीटर के दायरे तक सुनाई देंगी।यह अत्याधुनिक सायरन प्रणाली न्यू पुनाईचक स्थित नागरिक सुरक्षा निदेशालय के नियंत्रण कक्ष में स्थापित की गई है। परीक्षण के दौरान सायरन की विभिन्न आवाजों के साथ आपातकालीन सूचनाओं और आदेशों के प्रसारण की क्षमता भी परखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर इस प्रणाली के जरिए हमले की चेतावनी और हमला टलने जैसी सूचनाएं भी लोगों तक पहुंचाई जा सकेंगी।

नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने आम लोगों से अपील की है कि सायरन की आवाज सुनकर घबराएं नहीं और किसी तरह की अफवाह न फैलाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि मंगलवार को होने वाला सायरन परीक्षण किसी वास्तविक आपदा, हवाई हमले, आगजनी, बाढ़, भूकंप या अन्य आपात स्थिति से जुड़ा नहीं है।लोगों को सायरन सुनाई देने पर बिजली बंद करने या किसी तरह की विशेष गतिविधि करने की भी आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक, निदेशालय में स्थापित प्रणाली से आठ से नौ प्रकार की अलग-अलग आवाजें निकाली जा सकती हैं।

पटना में यह परीक्षण पायलट प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। परीक्षण सफल रहने के बाद पटना समेत अन्य प्रमुख शहरों में अलग-अलग स्थानों पर आपातकालीन सायरन लगाए जाने की योजना है, ताकि आपदा या किसी अन्य आपात स्थिति में कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक चेतावनी और जरूरी जानकारी पहुंचाई जा सके।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट