पटना के पीएमसीएच में नवजात और गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज की सुविधा को और मजबूत किया जा रहा है। अस्पताल में अक्टूबर के पहले सप्ताह से नीकू और पीकू की नई व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत नीकू की क्षमता 38 बेड से बढ़ाकर 58 बेड की जाएगी, जबकि 20 बेड का अलग पीकू वार्ड संचालित होगा।पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के अनुसार, नई व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। वर्तमान में पांचवें फ्लोर पर 38 बेड का नीकू और 20 बेड का पीकू संचालित हो रहा है। विस्तार के बाद दोनों यूनिट को नए स्वरूप में व्यवस्थित किया जाएगा।
58 बेड के नीकू में समय से पहले जन्म लेने वाले, कम वजन वाले और गंभीर स्थिति वाले नवजातों को गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अस्पताल में नवजात मरीजों की संख्या बढ़ने पर कई बार बेड की उपलब्धता चुनौती बन जाती है। ऐसे में बेड क्षमता बढ़ने से अधिक बच्चों को समय पर भर्ती कर इलाज शुरू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वहीं, 20 बेड का अलग पीकू वार्ड गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज के लिए होगा। यहां वेंटिलेटर समेत आवश्यक गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। पीएमसीएच प्रशासन का कहना है कि नीकू और पीकू का विस्तार बाल चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद गंभीर नवजात और बच्चों को बेहतर और समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
