बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर सरकार के सामने नया सुझाव रखा है। मांझी ने कहा कि शराबबंदी के तहत जब्त की जाने वाली शराब को नष्ट करने के बजाय उसका उपयोग दूसरे उपयोगी उत्पाद बनाने में किया जाना चाहिए।पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मांझी ने सुझाव दिया कि जब्त शराब को एकत्र कर सैनिटाइजर या अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। उनका कहना है कि इससे जब्त शराब को बर्बाद होने से बचाया जा सकेगा और सरकार को आर्थिक लाभ भी मिल सकता है।मांझी लंबे समय से बिहार में शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन की समीक्षा की मांग करते रहे हैं। अप्रैल 2026 में भी उन्होंने कहा था कि शराबबंदी की नीति को लेकर उनका रुख कायम है, लेकिन इसके लागू होने के तरीके की समीक्षा जरूरी है।

मांझी ने उस समय गरीब और वंचित तबके के लोगों के शराबबंदी कानून के दायरे में आने और जहरीली शराब की समस्या का भी मुद्दा उठाया था। उनका कहना रहा है कि शराबबंदी जिस उद्देश्य से लागू की गई थी, उसे हासिल करने के लिए कानून के क्रियान्वयन की समीक्षा जरूरी है।अब जब्त शराब के निस्तारण को लेकर उनका नया सुझाव सामने आया है। मांझी का कहना है कि जब्त शराब को नष्ट करने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से उपयोग में लाया जाए। हालांकि, इस सुझाव को लागू करने के लिए सरकार को कानूनी, तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर निर्णय लेना होगा।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट