बेतिया:जिलेके बैरिया प्रखंड के फुलिया खांड में गंडक नदी के दबाव से चंपारण तटबंध टूटने के बाद पूरे गांव में बाढ़ का पानी तेजी से घुस रहा है. अचानक पानी आने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. लोग अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तलाश में जाने को मजबूर है.
ग्रामीणों का कहना है कि पानी इतनी तेजी से घरों में घुसा कि कई लोगों का सामान घर के अंदर ही रह गया. वहीं,कई परिवारों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है. ग्रामीणों का दावा है कि कुछ लोग सुबह से भूखे हैं और महज पांच रुपये के बिस्किट के सहारे गुजारा करने को मजबूर हैं.
बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक राहत और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है. ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी मौके का निरीक्षण करके चले जाते हैं,लेकिन जमीनी स्तर पर राहत पहुंचती नजर नहीं आ रही है.
वहीं, स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधि को लेकर भी नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि नौतन विधानसभा क्षेत्र के लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं, जबकि बीजेपी विधायक नारायण साह जम्मू-कश्मीर में हैं. कुछ ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि इलाके में गर्मी ज्यादा है,इसलिए विधायक जी ठंडी जगह घूम रहे हैं.
इधर लौकरिया मौजे टोला में भी चंपारण तटबंध में कई जगह रिसाव की सूचना है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि समय रहते रिसाव को नहीं रोका गया तो बांध टूट सकता है. ग्रामीण खुद बोरे में मिट्टी भरकर रिसाव रोकने में जुटे हैं। लोगों की एक ही प्रार्थना है—किसी तरह बांध बच जाए और गांव में तबाही न मचे.

