पटना : बाहुबली आनंद मोहन के साथ-साथ 27 लोगों की रिहाई पर मामले पर महागठबंधन में विवाद गहराता ही जा रहा है। महागठबंधन सरकार को समर्थन दे रही भाकपा-माले ने सीधे तौर पर कहा है कि यह भेदभाव कतई बर्दाश्त नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष 28 अप्रैल को भाकपा माले के सभी विधायक धरना देंगे।
महागठबंधन सरकार में शामिल भाकपा-माले के सभी विधायकों की मांग है कि आनंद मोहन के साथ साथ 27 लोगों की ही रिहाई क्यों ? भाकपा माले स्टेट सेक्रेटरी कुणाल ने कहा कि 28 अप्रैल को भाकपा माले के सभी विधायक मुख्यमंत्री के समक्ष ही धरना देंगे। कुणाल ने कहा कि जिस तरीके से रिहाई का आदेश निकाला गया है जिसमें कई ऐसे लोग हैं जिनको छोड़ दिया गया है उनमें कई ऐसे लोग भी हैं जो सजा काट चुके हैं उनकी रिहाई क्यों नहीं हुई ?
बता दें कि आनंद मोहन के साथ साथ 27 लोगों की रिहाई पर महागठबंधन सरकार पर बीजेपी भी हमलावर हो गई है। बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा कि 2016 में नीतीश सरकार ने ही जेल मैन्युअल में संशोधन कर बलात्कर, आतंकी घटना में हत्या, बलात्कार के दौरान हत्या और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी की हत्या को ऐसे जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा था, जिसमें कोई छूट या नरमी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जवाब दें कि अब किस आधार पर सरकार अपने ही संशोधित कानून को शिथिल कर रही है ?

