पटना। बिहार के कई मेडिकल कॉलेज में MBBS छात्रों ने मोर्चा खोल रखा है। छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों में जबरदस्त हंगामा किया और कामकाज बाधित कर दिया। एग्जामिनेशन कंट्रोलर द्वारा पूरे बिहार के मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर का एग्जाम लिया गया था जिसमें 400 छात्रों को फेल कर दिया गया है !आरटीआई के तहत जूनियर डॉक्टरों ने जांच करवाई तो जानकारी मिला है कि क़रीब एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा कॉपी की जांच अच्छी तरीके से नहीं हुई है जिसके कारण छात्रों को फेल कर दिया गया है। बिहार के अलग अलग मेडिकल कॉलेजों में दिनभर क्या क्या हुआ....
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल
एमबीबीएस के प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं ने राज्य के सबसे बडे मेडिकल संस्थान पीएमसीएच में प्रदर्शन किया। आर्यभट्ट यूनिवर्सिटी के द्वारा कई छात्र छात्राओं को फेल किए जाने का छात्रों ने विरोध किया। मेडिकल छात्रों ने ओपीडी की सेवा बाधित की, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पडा। विरोध कर रहे छात्रों का कहना था कि आंसर सही हो जाने के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई छात्रों का रिजल्ट खराब कर दिया है। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानीं तो कल यानि मंगलवार के बाद अस्पताल के कामकाज को पूरी तरह ठप कर देंगे।
नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल
बिहार का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी जूनियर डॉक्टरों ने हंगामा किया। जूनियर डॉक्टरों ने सुबह से ही ओपीडी सेवा को बाधित किया। इससे मरीजों की परेशानी काफी बढ़ गई। जूनियर डॉक्टर ओपीडी सेवा बाधित कर हड़ताल पर चले गए हैं। जिससे अस्पताल में मरीजों की समस्या बढ गयी है। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि एग्जामिनेशन कंट्रोलर द्वारा पूरे बिहार के मेडिकल कॉलेज में फर्स्ट ईयर का एग्जाम लिया गया था जिसमें 400 छात्रों को फेल कर दिया गया है। आरटीआई के तहत जूनियर डॉक्टरों ने जांच करवाई तो जानकारी मिली कि क़रीब एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा कॉपी की जांच अच्छी तरीके से नहीं हुई है, जिसके कारण छात्रों को फेल कर दिया गया है। जूनियर डॉक्टरों का आरोप था कि भविष्य खराब करने की मंशा एग्जामिनेशन कंट्रोल बोर्ड की है। लगातार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी से लेकर कॉलेज के प्रिंसिपल तक जूनियर डॉक्टर गुहार लगा रहे हैं और फिर से कॉपी जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन इनकी बातों को सुनने वाला कोई नहीं है। जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि जब तक एग्जामिनेशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा कॉपी की जांच नहीं की जाती है हड़ताल जारी रखेंगे और आने वाले समय में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल
DMCH दरभंगा में MBBS 2019 बैच के छात्रों ने कॉलेज परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और OPD की सेवा से खुद को अलग कर लिया। जिसके कारण OPD में मरीजों की काफी बढ़ गयी जिसके बाहर से इलाज करवाने आये मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पडा। जूनियर मेडिकल छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए हाथ में बैनर पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने नाराजगी थी कि मामला MBBS फर्स्ट ईयर के रिजल्ट से जुड़ा है। परीक्षा की कॉपी ठीक से जांच नहीं की गई है और ज्यादातर छात्रों को फेल कर दिया गया है.
भागलपुर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल
भागलपुर जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मेडिकल के छात्रों द्वारा जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया, विद्यार्थियों के द्वारा परीक्षा परिणामों में घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है उनका कहना है की परीक्षा परिणाम सही तरीके से घोषित नहीं किया गया जिसके कारण इस साल हमारे बैच में लगभग 40 छात्र फेल हो गए। ऐसा ना कभी हुआ था और ना कभी हो सकता है। हर साल एग्जाम होता है और तीन से चार बच्चे ही फेल होते थे। लेकिन इस बार परिणाम कुछ ऐसा घोषित किया गया कि 40 से भी ज्यादा छात्रों को फेल कर दिया गया। कई छात्र छात्राओं को एक मार्क्स से फेल कर दिया गया है। यह पूरी तरह से अमानवीय है।

