नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई राजनेता देगें श्रद्धांजलि

PATNA.पूर्व केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री सह समाजवादी नेता प्रोफेसर रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) की आज पहली पुण्यतिथि है।इस अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों में राजद कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धाजलि सह शोक सभा का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम मुजफ्फरपुर में आयोजित किया जा रहा है,जिसमे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत राजद एवं कई अन्य दल के नेता शामिल होगें।मुजफ्फरपुर के पुलिस लाइन में रघुवशं प्रसाद सिंह की प्रतिमा का अनावरण तेजस्वी यादव द्वारा किया जायेगा । रघुवंश प्रसाद सिंह का पिछले साल दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया था।उनकी पुण्यतिथि पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया के जरिये श्रद्धाजंलि दी है।लालू यादव ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि संघर्षों के साथी हमारे प्रिय ब्रह्म बाबा रघुवंश बाबू को उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि।

प्रोफेसर से राजनेता तक का सफर

सादगी जीवन और समाजवादी विचराधारा को जीने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह अपने कैरियर की शुरूआत प्रोफेसर के रूप में की थी।बिहार विवि से डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्हौने साल 1969 में सीतामढी के गोयनका कॉलेज में गणित के प्रोफसर के रूपर में कैरियर की शुरूआत की थी।वे 1974 तक इस कॉलेज मे बने रहे।इस बीच कई आन्दोलन में शामिल होने की वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

जेपी आन्दोलन में निभाई थी सक्रिय भूमिका

सामाजिक मुद्दो को लेकर होने वाले आन्दोलन में बढ-चढ कर हिस्सा लेने वाले रघुवशॆं प्रसाद सिंह 1974 में जेपी आंदोलन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,जिसकी वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा। इस आन्दोलन मे शामिल होने की वजह से उन्हें अपने प्रोफेसर की नौकरी पद से भी हाथ धोना पड़ा।

मीसा कानून के तहत गिरफ्तार रघुवंश प्रसाद सिंह को पटना के बांकीपुर जेल में भी रखा गया था जहां उनकी मुलाकात लालू प्रसाद यादव से हुई थी।जेल से शुरू हुई लालू-रघुवंश की दोस्ती अंत समय तक बनी रही।रघुवंश प्रसाद सिंह लालू प्रसाद यादव के न सिर्फ राजनीतिक मित्र थे बल्कि मुश्किल दिनों में उन्हौने लालू यादव के परिवार के लिए अभिभावक की तरह हमेशा खड़े रहे।जीवन के अंतिम दिनों में वे पार्टी के कुछ नेता के फालतू बायनबाजी से तंग आकर राजद के राषट्रीय उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था पर लालू यादव ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था और पार्टी में बने रहने का आग्रह किया था पर इस आग्रह पर विचार करने से पहले ही पिछले साल 13 सितंबर 2020 को रघुवंश प्रसाद सिंह ने दुनियां को अलविदा कह दिया था।

मनरेगा के जनक थे रघुवंश प्रसाद सिंह

प्रोफेसर रघुवंश प्रसाद सिंह मनमोहन सिंह की सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री थे और गरीब मजदूरों को रोजगार की गारन्टी देने वाली नरेगा योजना की शुरूआत इन्हौने ही की थी।बाद मे नरेगा का नाम मनरेगा कर दिया गया था।इस मनरेगा क़ानून का असली शिल्पकार रघुवंश प्रसाद सिंह को ही माना जाता है.इस योजना के तहत गरीब मजदूरों को न्यूनतम 100 दिन का रोजगार साल मे मुहैया कराया जाता है।कोरोना काल में इस योजना ने लाखों मजदूरों को दो जून की रोटी उपलब्ध कराने में मदद की थी।

कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे रघुवंश प्रसाद सिंह
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार में रघुवंश प्रसाद सिंह केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में काम किया था।इससे पहले रघुवंश प्रसाद सिंह 1977 से 1979 तक वे बिहार सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे.बाद में वे लोकदल पार्टी का अध्‍यक्ष भी बने थे।उन्हौने वैशाली लोकसभा सीट से कई दफे जीत दर्ज कर की थी।संसद में किसी भी विषय पर वे अपनी जोरदार भाषण से पक्ष और विपक्ष को प्रभावित करते थे।

अरूण चौरसिया,कशिश न्यूज