रांची- झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र का समापन हो गया। विधानसभाध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने सभी सदस्यों को धन्यवाद देते हुए सदन की कार्य.वाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। 5 दिवसीय इस सत्र में नमाज के लिए कमरा आवंटन र नियोजन नीति को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। हंगामा सदन से लेकर सडक तक हुआ। हंगामें के बीच 8 विधेयक भी पारित किये गए।
पांच दिनों तक चले इस सत्र में 103 अल्प सूचित, 203 तारांकित, 82 आ तारांकित, 20 ध्यानाकर्षण सूचना, 44 निवेदन जिसमें 27 स्वीकृत, 90 शून्यकाल में सूचनाएं आईं। सरकार की ओर से 300 प्रश्नों के उत्तर विभागों के द्वारा दिए गए। सत्र के दौरान 8 विधेयक पारित किए गए।
लेकिन इन सबसे बीच नमाज के लिए कमरा आवंटन के मुद्दे पर बीजेपी ने हर दिन हंगामा मचाया। पूरे सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों पर बहस की जगह ढोल, मंजीरा, डमरु, कीर्तन और हनुमान चालीसा की आवाजें आती रहीं। विपक्ष ढोल बजाता रहा और विधायक नाचते रहे। बीजेपी इस मुद्दे को सडक तक भी ले गयी। विधायनसभा घेराव में पुलिस ने जमकर बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठियां चटकाईं। आखिरकार सत्र के आखिरी दिन विधानसभाध्यक्ष ने मामले का अध्यययन करने के लिए कमेटी बना दी।
नियोजन नीति को लेकर भी बीजेपी ने जमकर विरोध किया। बीजेपी का आरोप था कि सरकार ने तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नियुक्ति में हिन्दी को हटा दिया। जबकि सरकार का तर्क था कि हिन्दी को हटाकर स्थानीय भाषा को शामिल किया, इसमें क्या गलत है।
बहरहाल, सत्र को खत्म हो गया। लेकिन यह सवाल छोड गया कि जनता के नाम पर माननीयों ने इतना हंगामा मचाया कि जनता के मुद्दों गौण ही रह गए।

