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पूर्व केन्द्रीय मंत्री और लोजपा के संस्थापक स्व रामविलास पासवान की 12 सितंबर को पहली पुण्यतिथि है।इस पुण्यतिथि के अवसर पर स्व रामविलास पासवान के बेटे सह जमुई से लोजपा के सांसद चिराग पासवान सभी राजनीतिक दल और महत्वपूर्ण राजनेता को आमंत्रित कर रहें हैं।

इस सिलसिले में चिराग पासवान बुधवार को राजभवन पहुंचे और राज्यपाल फागू चौहान को कार्ड देकर पुण्यतिथि में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।राजभवन से लौटने के बाद चिराग पासवान पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पहुंचे और तेजस्वी यादव से मिलकर अपने पिता की पहली पुण्यतिथि में शामिल होने का निमंत्रण दिया।चिराग पासावन पूर्व सीएम जीतनराम मांझी से भी मुलाकात की और अपने पिता की पहली पुण्यतिथि में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

इस दौरान मीडिया से बात करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिताजी के साथ जिन्होंने काम किया है उन सभी को निमंत्रण देने देने का काम वे कर रहें हैं।उन्हौने सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी समेत देश के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रण दिया है।

चिराग पासवान ने कहा कि उन्हौने बिहार के सीएम नीतीश कुमार को भी निमंत्रण देने के लिए समय मांगा है।नीतीशजी से समय मांगे पांच-छह दिन हो गए हैं।समय मिलते ही उनसे मिलकर पुण्यतिथि में शामिल होने के लिए आमंत्रित करूंगा।वे चाहतें हैं कि सीएम नीतीश कुमार भी उनके पिताजी की पहली पुण्यतिथि में शामिल हों।

वहीं केन्द्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के बारे में चिराग ने कहा कि वे उनके चाचा हैं और वे चाहतें हैं चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ ही परिवार के सभी सदस्य इस पुण्यतिथि समारोह में शामिल हों क्योंकि इस पुण्यतिथि समारोह का राजनीति से लेना-देना नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले साल 12 सितंबर को स्व रामविलास पासवान का इलाज के दौरान निधन हो गया था।उनके निधन के बाद लोजपा को आगे बढाने की जिम्मेदारी चिराग पासवान ने अपने ऊपर ले ली थी।इस क्रम में केन्द्र में एनडीए गठबंधन में शामिल होने के बावजूद चिराग ने बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा-जदयू के एनडीए गठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ा था।इस वजह से पहले जदयू और बाद में भाजपा नेतृत्व चिराग की राजनीति से नाराज हो गया।अभी से कुछ महीने पहले चाचा पशुपति कुमार पारस ने चिराग को झटका देते हुए लोजपा के छह मे से 5 सांसद के साथ खुद पार्टी अध्यक्ष बन गये और भाजपा ने लोजपा कोटे से उन्हें केन्द्रीय मंत्री बना दिया।

करीब एक साल पहले अपने पिता रामविलास पासवान के निधन और चाचा पारस के झटके के बीच चिराग का राजनीतिक सफर ज्यादा संघर्षपूर्ण हो गया है।इस संघर्ष के बीच चिराग पासवान अपने पिता स्व रामविलास पासावन की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित कर इसमें शामिल होने का आग्रह कर रहें हैं।

अरूण चौरसिया,कशिश न्यूज पटना