PATNA:-कांग्रेस के दिग्गज नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष सदानंद सिंह का निधन हो गया।सदानंद सिंह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और राजधानी के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।सदानंद सिंह की मौत की सूचना मिलते ही कई लोगों ने दुख जताया है।सीएम नीतीश कुमार,नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्व सीएम जीतनराम मांझी,कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सदानंद सिंह के निधन पर गहरा दुख जताया है।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल,डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद समेत बिहार कैबिनेट के कई मंंत्रियो ने सदानंद सिंह के निधन पर दुख जताया है।
कैसा रहा सदानंद सिंह का राजनीतिक सफर
सदानंद सिंह बिहार की राजनीति के प्रमुख हस्ती में से एक थे।उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा है।वे भागलपुर के कहलगांव सीट से 9 दफे विधायक चुने गये थे।वे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही बिहार विधानसभा के अध्यक्ष एवं सरकार में रहते हुए कई विभाग के मंत्री का दायित्व संभाला था।
सदानंद सिंह की गिनती मिट्टी से जुड़े नेताओं में होती थी।वे पहली बार 1969 में कहलगांव सीट से विधायक बने थे,उसके बाद वे लगातार 2015 तक 12 दफे कहलगांव सीट से चुनाव लड़े और कुल 9 बार जीत हासिल की। कांग्रेस पार्टी में अंदरूऩी विवाद की वजह से उन्हौने 1985 में कहलगांव से निर्दलीय चुनाव जीतकर अपने प्रभाव का लोहा मनवाया था।सदानंद सिंह के कहलगांव में लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जेपी आन्दोलन के बाद 1977 की कांग्रेस विरोधी लहर में भी कहलगांव सीट पर कांग्रेस के टिकट पर ही फन्हौने बाजी मारी थी।
सदानंद सिंह को कांग्रेस पार्टी ने एक बार भागलपुर लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ने का मौका दिया था पर उन्हें सफलता नहीं मिली।वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव में सदानंद सिंह अपनी बीमारी की वजह से चुनाव नहीं लड़े थे और खुद की जगह अपने बेटे को कहलगांव विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट दिलवाया था पर उस चुनाव में उनके बेटे को सफलता नहीं मिली।
अरूण चौरसिया,कशिश न्यूज

