उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में आयोजित चुनावी सभा में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अपने संबोधन से लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने विकास, सामाजिक न्याय, जनसेवा और गरीबों के कल्याण को राजनीति का मूल उद्देश्य बताते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।

नीतीश कुमार के कार्य को आगे बढ़ाना प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास की जो गति बनी हुई है, उसे और तेज करने की जरूरत है। पिताजी के काम को आगे बढ़ाना और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राजनीति सुविधाएं हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का संकल्प है।

एनडीए सरकार जनसेवा को लक्ष्य समझकर कर रही कार्य

बिहार का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए की सरकार बनने के बाद राज्य में जनसेवा को लक्ष्य बनाकर काम शुरू किया गया। पिछले 20 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ऊर्जा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम हुए हैं। शराबबंदी और जीविका जैसी योजनाओं ने सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

केंद्र की मोदी सरकार से मिल रहा सहयोग

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहयोग भी मिलता रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में आईआईटी की स्थापना, साक्षरता दर बढ़ाने, स्कूलों के निर्माण और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए गए। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए गए।

स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने अस्पतालों के निर्माण, आईजीआईएमएस में बेड की संख्या बढ़ाने और गरीब मरीजों को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता के जरिए मदद पहुंचाने का उल्लेख किया।

रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बिहार में युवाओं को सरकारी नौकरी देने की दिशा में बड़े स्तर पर काम हुआ है। उनका लक्ष्य बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, रोजगार के अवसर और आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी को नई ऊर्जा देने की अपील भी की।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट