पटना:मानसिक स्वास्थ्य,भावनात्मक कल्याण और मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार, 9अक्टूबर2026को पटना के महेंद्रू स्थित राजकीय मूक-बधिर बालक विद्यालय में एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT)के समावेशी शिक्षा विभाग की ओर से किया गया.
कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA)की डॉ. अनुभूति सिंह ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य,भावनात्मक संतुलन और नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने विभिन्न विषयों को रोचक और सहज तरीके से समझाया,ताकि विद्यार्थी इन महत्वपूर्ण मुद्दों को आसानी से समझ सकें और अपने जीवन में सकारात्मक आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित हों.
सांकेतिक भाषा के जरिए विद्यार्थियों तक पहुंचा संदेश
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मूक-बधिर विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए सांकेतिक भाषा की व्यवस्था की गई थी. सीआरसी पटना की आईएसएल इंटरप्रेटर मोनिका सिंह ने डॉ. अनुभूति सिंह की बातों को सांकेतिक भाषा में विद्यार्थियों तक पहुंचाया. इससे विद्यार्थी कार्यक्रम में दी गई जानकारी को समझ सके और जागरूकता अभियान से जुड़ सके.
कार्यक्रम मेंUNFPAके राहुल कुमार,समावेशी शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नावेद हसन खान,व्याख्याता विजय कुमार भास्कर और कुमारी अमृता सहित विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक उपस्थित रहे.
इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों तक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी सुलभ तरीके से पहुंचाना और उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना रहा. कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भावनात्मक कल्याण के महत्व और नशे से दूर रहने के संदेश से परिचित कराया गया.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
