Patna : पटना हाईकोर्ट ने'ग्रीनफील्ड टाउनशिप' के नाम पर जमीनों की खरीद-बिक्री मामले पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया. बिहार सरकार की'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' योजना को चुनौती देने वाली याचिका पर जस्टिस अजीत कुमार ने सुनवाई की.
याचिकाकर्ता बैद्यनाथ हाथी की याचिका पर पक्ष प्रस्तुत करते हुए वरीय अधिवक्ता बसंत चौधरी और अरविंद कुमार ने कोर्ट में कहा कि बिना किसी विस्तृत जांच या जमीनी आकलन के ही अधिकारियों ने इस इलाके की जमीन बिक्री पर पूरी तरह बैन कर दिया है.
आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों की कठिनाई और भी बढ गई है. जमीन मालिक अपनी ही जमीन नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे वे अपनी वित्तीय और पारिवारिक जरूरतें पूरी करने में लाचार हो गए हैं. सीतामढ़ी में दस्तावेज लटके हुए हैं. जमीन की रजिस्ट्री और ट्रांसफर के कागजात सीतामढ़ी के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा पड़े हैं, लेकिन काम ठप है.
किसानों की आजीविका पर संकट आ गया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह पूरी जमीन उपजाऊ (खेती योग्य) है. जो किसान अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं, इस एकतरफा फैसले से उनका भारी नुकसान हो रहा है.
हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार से जवाब मांगा
हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है. हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार से रिपोर्ट तलब किया. हाई कोर्ट ने जिला रजिस्ट्रार से स्पष्ट पूछा है कि जिन लोगों ने जमीन ट्रांसफर के दस्तावेज सीतामढ़ी सब-रजिस्ट्रार के पास जमा किए हैं, उनके निपटारे के लिए क्या नियम/व्यवस्था तय की गई है.
कोर्ट में यह दलील दी गई कि सरकार की यह अर्बन डेवलपमेंट पॉलिसी सामाजिक प्रभाव और आम जनता के नुकसान को अनदेखा कर बनाई गई है, इसलिए इस पर दोबारा विचार होना चाहिए. राज्य सरकार के वकील को निर्देश दिया गया है कि वे इस मामले में पूरी जानकारी और निर्देश प्राप्त करके हाईकोर्ट के सामने रखें. इस मामले की अगली सुनवाई12अक्टूबर,2026को निर्धारित की गई है.
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
