पटना:बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले एनडीए में आपसी खींचतान थमती नजर नहीं आ रही है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में गठबंधन की एकजुटता और सभी आठ उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई. लेकिन बैठक के बाद नेताओं के बयानों से अंदरूनी मतभेद फिर सामने आ गए.
बीजेपी के विधान परिषद प्रत्याशी नवल किशोर यादव से जब मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह को लेकर सवाल पूछा गया तो वह नाराज हो गए. उन्होंने कहा, 'जे न पूछे से खेसारी के दाल. अनंत सिंह आ फलना सिंह के बात करते हैं. कोई मुद्दा नहीं है तो ऐसे ही लटर-पटर बात करते हैं.'बयान देकर नवल किशोर यादव आगे बढ़ गए.
दरअसल,अनंत सिंह ने बैठक से पहले और बाद में अपने रुख में बदलाव के संकेत नहीं दिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुराज समर्थित अनुज सिंह का समर्थन करेंगे. अनंत सिंह ने इसकी वजह जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के साथ अपना राजनीतिक विरोध बताया. उनका कहना है कि नीरज कुमार ने पहले उनका विरोध किया था,इसलिए वह भी उनका विरोध करेंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि बैठक में चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनसे कोई बातचीत नहीं की.
वहीं,मंत्री जमा खान ने अनंत सिंह को अपना भाई बताते हुए एनडीए में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि सभी मिलकर चुनाव जीतेंगे. मंत्री श्रवण कुमार ने दावा किया कि बैठक में सभी ने आठों उम्मीदवारों को जिताने का संकल्प लिया. उन्होंने चेतावनी दी कि एनडीए के विरोध में प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
मंत्री रामकृपाल यादव ने भी अनंत सिंह को पार्टी का वफादार सिपाही और बड़ा नेता बताया. हालांकि,अनंत सिंह के अनुज सिंह को समर्थन देने के ऐलान से पटना स्नातक सीट पर एनडीए की चुनौती बढ़ गई है. अब देखना होगा कि चुनाव से पहले गठबंधन नेतृत्व इस मतभेद को दूर कर पाता है या नहीं.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
