पटना : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में हार के बाद अपने संगठन को धारदार बनाने के लिए के लिए सड़क पर उतरेगी। सीपीआई के दो दिवसीय राज्य परिषद की बैठक पार्टी कार्यालय में संपन्न हुई। इस आयोजन में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डी राजा और राष्ट्रीय सचिव अतुल अनजान सहित तमाम पार्टी के नेताओं ने संगठन को मजबूत करने और ग्रास रूट पर काम करने का टिप्स भी दिया है।

पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि आप संगठन को धारदार बनाने के लिए केंद्र सरकार के बढ़ती हुई महंगाई के खिलाफ में 29 अप्रैल को सड़क पर उतर कर विरोध करेगी। साथ ही 1 मई मजदूर दिवस के दिन से 30 मई तक पार्टी सदस्य भर्ती अभियान भी चलाएगी। ताकि नए नए सदस्यों को पार्टी में जोड़ने का काम किया जाए।

वही 18 से 1 सितंबर को बांका जिला में राज्य सम्मेलन करने का काम करेगी 30 जून को शाखा सम्मेलन और 21 जुलाई को सभी अंचलों में अंचल सम्मेलन करने का काम करेगी। सीपीआई के राष्ट्रीय केंद्र सरकार के गरीब विरोधी नीति और बढ़ती हुई महंगाई को लेकर हल्ला बोलते हुए कहा कि सरकार के विरोध में तमाम विरोधी दलों को एकजुट होकर सड़क से सदन तक विरोध करना होगा। साथ ही उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि लेकिन उपचुनाव में बीजेपी की करारी हार हुई है जो बदलाव की किरण दिखाई देती है। इस मुद्दे पर बीजेपी का खामोशी है।

आने वाले समय में राष्ट्रपति का चुनाव होना है और करीब 10,000 से ज्यादा हो बीजेपी के पास नहीं है। विपक्षी दलों की यह कोशिश होगी कि एक साझा उम्मीदवार राष्ट्रपति पद के लिए उतारी जाए ताकि बीजेपी की करारी हार हो।