PATNA- बापू सभागार में जेपी की कहानी नीतीश की जुबानी कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें नीतीश कुमार ने कहा कि मैं आज जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर नागालैंड गया था। वहां के लोगों ने मुझे बुलाया था। मैंने वहां के लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा कि आप लोगों का बिहार में स्वागत है। आइए जेपी की काफी सारी यादें बिहार में आज भी सुरक्षित है।

निशाना साधते हुए नीतीश कुमार ने कहा है कि जो लोग आज बोल रहे हैं कि जेपी का सम्मान करना चाहते हैं उनको आजादी की लड़ाई से कोई मतलब नहीं था। आरएसएस और भाजपा का नाम लिए बिना नितीश कुमार ने कहा कि बापू की हत्या किसने किया था यह याद रखिए।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जेपी का आंदोलन कहने के लिए तो छात्रों का आंदोलन था लेकिन इस आंदोलन में आम से लेकर खास तक लोग जुड़ते गए और कारवां बनता गया। जेपी मुझे काफी मानते थे। मैंने उनको नजदीक से देखा है। साल 1974 में पटना के गांधी मैदान में जेपी के नेतृत्व में विशाल रैली का आयोजन किया गया था। इसमें 5 लाख से अधिक लोग आए थे। जेपी के नेतृत्व में जिन 14 लोगों की कमेटी बनाई गई थी उसमें एक मैं भी शामिल था। एक साल के लिए छात्रों ने तय किया था कि पढ़ाई लिखाई बंद करके हमें इस आंदोलन को सफल बनाना है।

पटना यूनिवर्सिटी को 1 साल तक बंद रखा गया था। बीजेपी और अमित शाह का नाम लिए बिना नीतीश कुमार ने निशाना साधते हुए कहा कि जेपी ने कांग्रेस से लड़ने के लिए विपक्षी एकता के लिए एक जनता पार्टी नामक पॉलिटिकल पार्टी बनाया था, लेकिन जो लोग जनता पार्टी को छोड़कर चले गए उसमें से कुछ पार्टी वाले आज भी अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।

जेपी के आदर्श को मानने वाले लोग समाज को तोड़ने वाले, समाज में मतभेद पैदा करने वाले लोगों के साथ क्यों हैं। जेपी ने समाज को एक करने के लिए काम किया था। हर वर्ग को एक किया था। महिलाओं की बराबरी और उत्थान हो यह उनका सपना था, जिसके लिए मैंने काम किया।

महिलाओं के महत्व को समझते हुए हमने लड़कियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया। पोशाक और साइकिल योजना जैसी सरकारी कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। जो लोग कुछ करते नहीं हैं वह ज्यादा बोलते हैं। हम लोगों के लिए काम करने में विश्वास करते हैं। पिछडों का आरक्षण पहले से था, हमने अति पिछड़ों को विशेष आरक्षण दिया। इसके बाद से 4 बार पंचायत और तीन बार निकाय चुनाव करवाया।

बिहार का क्षेत्रफल काफी कम है और आबादी उसकी तुलना में अधिक है। जनसंख्या को रोकने में शिक्षा एकमात्र मददगार औजार है। शिक्षित होकर महिलाएं जनसंख्या को कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं।