राज्य में 'वीबी-जी राम जी योजना' के बेहतर क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी के लिए अब मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 'राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद' का गठन किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है और जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की संभावना है।इस परिषद की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें सरकारी अधिकारियों के साथ-साथ 15 गैर-सरकारी सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि योजना के संचालन, निगरानी, मूल्यांकन और शिकायत निवारण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
बता दें कि 'वीबी-जी राम जी अधिनियम' देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई 2026 से लागू है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में पूरे 125 दिनों के रोजगार की गारंटी का प्रावधान दिया गया है।इस नवनिर्मित परिषद की संरचना बेहद मजबूत होगी:
मुख्यमंत्री इस परिषद के अध्यक्ष होंगे, जबकि ग्रामीण विकास मंत्री इसके उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे।राज्य स्तरीय इस सामान्य सभा में पंचायती राज, वित्त, वन, जल संसाधन, कृषि और श्रम समेत कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री बतौर सदस्य शामिल होंगे।साथ ही, मुख्य सचिव, संबंधित विभागों के सचिव और योजना आयुक्त को इसका सदस्य सचिव बनाया जाएगा।
परिषद का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना, उनका मूल्यांकन करना और सरकार को जरूरी सुझाव देना है। यह परिषद हर साल अपनी वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेगी और शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा कर उसमें सुधार के लिए सिफारिशें भी करेगी।
इसके अलावा, योजना के तकनीकी मार्गदर्शन और डिजिटल प्रणालियों में सुधार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय संचालन समिति का भी गठन किया जाएगा, जो जमीनी स्तर पर इस योजना को और अधिक सशक्त बनाएगी।
