Hindi News / जगन्नाथपुर मंदिर विवाद पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख: पुरानी समिति बर्खास्त, नई समिति...

JHARKHAND NEWS : जगन्नाथपुर मंदिर विवाद पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख: पुरानी समिति बर्खास्त, नई समिति को कमान

Edited By:  |
jharkhand news jharkhand news

झारखंड की राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर की न्यास समिति को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मंदिर के प्रबंधन में बड़ा फेरबदल करते हुए पूर्व की समिति को पूरी तरह भंग कर दिया है और संचालन के लिए एक नई 11 सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया है।अदालत के निर्देशानुसार गठित इस नई 11 सदस्यीय समिति की कमान खुद महाधिवक्ता (Advocate General) रोहितशंकर राय को सौंपी गई है, वे इस समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं।इस नई व्यवस्था में प्रशासनिक और कानूनी संतुलन का पूरा ख्याल रखा गया है:

  • समिति में झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जयशंकर पाठक और रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री को भी शामिल किया गया है।इसके अलावा, हाईकोर्ट के चार प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं (Advocates) और स्व. एनई नाथ के तीन वंशजों को भी सदस्य के रूप में जगह मिली है।इस कदम से मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को लेकर चल रहे तमाम गतिरोधों के खत्म होने और एक नई व्यवस्था के शुरू होने की उम्मीद जग गई है।सुनवाई के दौरान झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने मंदिर के संचालन की संशोधित योजना अदालत के समक्ष रखी, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया है। इससे पहले 22 जुलाई को जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मंदिर की व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश दिए थे.

  • कोर्ट ने रांची के डीसी को निर्देश दिया था कि मंदिर के फंड से हर महीने 30 हजार रुपये नियमित संचालन के लिए दिए जाएं।साथ ही, मंदिर समिति को हर हफ्ते अपने खर्च का पूरा ब्योरा रांची के उपायुक्त को सौंपने का निर्देश दिया गया था, ताकि साफ-सफाई, पूजा-पाठ और वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे।पुरानी समिति के भंग होने और नई प्रशासनिक-न्यायिक टीम के आने से जगन्नाथपुर मंदिर के ढांचे में एक बड़ा बदलाव आया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को तय की गई है, जिसमें मंदिर के प्रबंधन की संशोधित योजना पर आगे की दिशा तय होगी।