जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) परीक्षा में गड़बड़ी के मामले से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है। इस मामले के आरोपी अभय तिवारी, समीर कुमार और राहुल कुमार को अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अभय तिवारी और समीर कुमार ने 28 अगस्त को, जबकि राहुल कुमार ने 29 सितंबर को जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने नामंजूर कर दिया है।इस पूरे मामले पर सीआईडी (CID) का बड़ा खुलासा सामने आया है। सीआईडी के अनुसार, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किसी एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट के जरिए की गई थी। जांच में यह बात सामने आई है कि इसमें सिर्फ सफल अभ्यर्थी ही नहीं, बल्कि कुछ कोचिंग संचालक और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी के लोग भी शामिल थे।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 37 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के दौरान सीआईडी के हाथ कई बेहद अहम और चौंकाने वाले सुराग लगे हैं।सीआईडी की जांच का दायरा अब और भी बड़ा हो गया है। पूछताछ से मिली जानकारियों के आधार पर अब 100 से अधिक अभ्यर्थी सीधे तौर पर जांच के घेरे में आ चुके हैं।
सीआईडी इन संदिग्ध अभ्यर्थियों और इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य सभी पहलुओं की गहराई से छानबीन कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
