रांची के पिठौरिया से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। आदिवासी नेत्री और समाजसेवी निशा भगत की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका के पिता, हांदु भगत ने पिठौरिया थाना प्रभारी को एक लिखित आवेदन देकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पिता का साफ तौर पर कहना है कि उनकी बेटी की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई हत्या है। हालांकि, ये परिवार के आरोप हैं, जिनकी पुलिस द्वारा जांच की जानी अभी बाकी है।थाना प्रभारी को दिए गए आवेदन में हांदु भगत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, निशा भगत को लंबे समय से मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की गई और सोशल मीडिया पर उनके चरित्र को लेकर लगातार दुष्प्रचार किया गया। पिता का कहना है कि घर से बाहर आने-जाने के दौरान भी उनकी बेटी को मानसिक रूप से परेशान किया जाता था, जिसके कारण वह भारी दबाव में थीं।

सबसे अहम बात यह है कि निशा भगत ने अपनी मृत्यु से ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो या बयान जारी किया था, जिसमें कई लोगों के नामों का खुलासा किया गया था। पिता हांदु भगत ने उसी बयान को आधार बनाते हुए उन सभी लोगों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और विशेष रूप से दो लोगों के खिलाफ त्वरित व कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।एक उभरती हुई आदिवासी नेत्री और समाजसेवी का इस तरह दुनिया से चले जाना और उसके बाद परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप कई बड़े सवाल खड़े करते हैं। फिलहाल, पिता ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि सोशल मीडिया पर सामने आए तमाम तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जाए ताकि सच सामने आ सके और निशा को न्याय मिल सके। पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच में क्या खुलासे होते हैं, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।