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JHARKHAND NEWS : 'जांच की आंच मेरे घर तक आए तो न डरें अफसर' - JPSC विवाद पर सीएम हेमंत, आज सरकार और छात्रों के बीच होगी बैठक

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झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी (JPSC-JSSC) परीक्षाओं के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले पर ठोस समाधान निकालने और हर पहलू की निष्पक्ष जांच का कड़ा संदेश दिया है।बुधवार को विधानसभा में सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार के दरवाजे सबके लिए खुले हैं। छात्र अपनी मांगें लेकर आएं, सरकार उनकी बातों को पूरी गंभीरता से लेगी। सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि जांच एजेंसी पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है और इस मामले में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बुधवार शाम एटीआई में हुई सत्ता पक्ष के विधायक दल की बैठक में भी सीएम हेमंत सोरेन का सख्त रुख देखने को मिला।

बैठक में विधायकों ने छात्र आंदोलन और जेपीएससी के मुद्दों को लेकर चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांचकर्ताओं को खुली छूट दी गई है। उन्होंने यहाँ तक कहा कि "अगर बात मेरे घर तक भी पहुंचती है, तो जांच दल बिना हिचकिचाहट के सीएम हाउस में भी रेड करे।दूसरी ओर, जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। शाम करीब चार बजे सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय छात्रों के पास पहुंचे और सरकार के साथ वार्ता का प्रस्ताव रखा। देर रात छात्र नेता रविन्द्र कुमार पासवान ने पुष्टि की कि गुरुवार को छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल सरकार से बातचीत के लिए जाएगा।आंदोलनकारी विद्यार्थियों से बातचीत के लिए राज्य सरकार ने एक उच्च-स्तरीय 5-सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

इस कमेटी में नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, श्रम मंत्री संजय सिंह यादव और विकास आयुक्त अजय सिंह को शामिल किया गया है।दिन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजभवन जाकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। सीएम ने राज्यपाल को जेपीएससी-जेएसएससी की नियुक्ति प्रक्रियाओं और रांची में चल रहे छात्र आंदोलन की पूरी स्थिति से अवगत कराया। राज्यपाल ने छात्रहित को सर्वोपरि बताते हुए परीक्षा प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि सरकार राज्य के युवाओं और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और गंभीर है।