JHARKHAND NEWS : छात्रों के गुस्से के आगे झुकी सरकार! 14वीं JPSC विवाद सुलझाने के लिए मंत्रियों-IAS की उच्चस्तरीय कमेटी बनाई
राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में 14वीं JPSC PT परीक्षा में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्रों के इस उग्र आंदोलन को अब राज्य सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सोमवार को बेंगलुरु से रांची वापस लौटने के बाद, सरकार ने छात्रों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी के गठन पर मंथन शुरू कर दिया है।विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार की मंशा यह है कि आंदोलन के और अधिक उग्र होने से पहले छात्रों को उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया जाए। इस प्रस्तावित उच्चस्तरीय कमेटी में कई बड़े चेहरों को शामिल किए जाने की संभावना है।
विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिसूत्रों का यह भी कहना है कि आज यानी मंगलवार या कल बुधवार तक यह कमेटी आंदोलनरत छात्रों से सीधे बातचीत कर सकती है और उनकी मांगों से अवगत होकर इस गतिरोध को समाप्त कराने का प्रयास करेगी।एक तरफ जहां JPSC परीक्षा को लेकर सरगर्मी तेज है, वहीं दूसरी तरफ JSSC CGL परीक्षा-2023 का मामला भी गरमाता जा रहा है। झारखंड के पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने इस परीक्षा की लंबे समय से चल रही CID जांच पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अभ्यर्थियों के नाम जारी अपने एक संदेश में उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि:
JSSC CGL पेपर लीक मामले में राज्य सरकार, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और CID ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों को जानबूझकर छुपाया है।
पूर्व महाधिवक्ता के इन बयानों के सामने आने के बाद से राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है।





