GAYA : जिले के डायल 112 के ड्राइवरों ने चक्का जाम कर दिया है. सभी गाड़ियां पुलिस लाइन के प्रांगण में खड़ी कर दी गई है. ड्राइवरों का कहना है कि उनसे मनमाने तरीके से काम लिया जा रहा है. सैलरी रोकी जा रही है. शराब और बालू की छापेमारी में इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि डायल 112 के ड्राइवरों की ड्यूटी आपात सेवा के लिए है ना कि रेड और छपेमारी के लिए.
गौरतलब है कि डायल 112 के ड्राइवर एक्स आर्मी के जवान है. यहां डेढ़ सौ से अधिक चालक की नियुक्ति है. 60 गाड़ियां (फोर व्हीलर) हैं, जिनकी ड्यूटी शहर से लेकर ग्रामीण थाना क्षेत्रों में है. डायल 112 चालक सुनील सिंह का कहना है कि डायल 112 का जो एसओपी है. उसी के तहत काम लिया जाए लेकिन गया जिले में ऐसा नहीं हो रहा है.
सार्जेंट अपनी और दूसरी ओर थानेदार अपनी मनमानी कर रहे हैं. ड्राइवरों से एसओपी के विरुद्ध जा कर काम लिया जा रहा है. कहने पर कहा जाता है कि एसओपी चेंज हो गया है लेकिन जब उनसे नए एसओपी की मांग की जाती है तो देना तो दूर दिखाने को भी राजी नहीं है.
उन्होंने कहा कि छापेमारी में हमारे ड्राइवरों का इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि डायल 112 के एसओपी के तहत यह पूरी तरह से विपरीत है. जमकर शोषण किया जा रहा है. छुट्टियां नहीं दी जा रही है. उन्होंने बताया कि जब तक हमारी समस्याओं का निदान नहीं होता है, तब तक हम काम पर वापस नहीं जाएंगे.
