गोपालगंज: जिले में शराब तस्करों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है. शराब तस्कर भले ही हर बार तस्करी के लिए नए-नए हथकंडे अपनाते हो,लेकिन पुलिस और उत्पाद विभाग भी उनके मंसूबों पर पानी फेरने में जुटा है. तस्करों के अलग-अलग तरीकों से छिपाकर और दूसरे जिलों तक पहुंचाई जा रही शराब को लगातार जब्त किया जा रहा और अब इसी कार्रवाई के दौरान जब्त की गई करीब 7500 लीटर देसी-विदेशी शराब पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया है. ताजा मामला बलथरी चेक पोस्ट का है,जहां एक-दो नहीं,बल्कि कुल 69 कांडों में जब्त की गई करीब 7500 लीटर देसी और विदेशी शराब को विनष्ट किया गया.
कुचायकोट थाना अंतर्गत बलथरी चेक पोस्ट एवं मीरगंज थाना अंतर्गत सबेया एयरपोर्ट पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जेसीबी के जरिए भारी मात्रा में जब्त शराब को किया गया विनष्ट। बताया जा रहा है कि उत्पाद विभाग और जिले के अलग-अलग थानों की पुलिस द्वारा जब्त की गई यह शराब कुल 69 कांडों से संबंधित थी. जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है.
तस्करों के लिए शराब की खेप को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना भले ही कमाई का जरिया हो,लेकिन पुलिस और उत्पाद विभाग के लिए यह लगातार एक बड़ी चुनौती बनी हुई है.
शराब तस्कर पुलिस की नजरों से बचने के लिए कभी वाहनों के अलग-अलग हिस्सों में शराब छिपाते हैं तो कभी सामान के बीच शराब की खेप को छिपाकर ले जाने की कोशिश करते हैं. यही नहीं, तस्करी के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आती रहती है,लेकिन गोपालगंज में उत्पाद विभाग और पुलिस की लगातार कार्रवाई के चलते तस्करों के इन हथकंडों पर ब्रेक लगाने की कोशिश की जा रही है.
तस्करी के दौरान जब्त की गई शराब अब वापस बाजार में नहीं पहुंच सके. इसके लिए प्रशासन की ओर से नियमानुसार जब्त शराब को नष्ट किया जा रहा है.मौके पर जेसीबी पहुंची और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जब्त शराब की बोतलों और पैकेटों को नष्ट कर दिया गया.उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा ने बताया कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस और उत्पाद विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
इसी कार्रवाई के दौरान अलग-अलग मामलों में बड़ी मात्रा में शराब जब्त की गई थी,इन मामलों में जब्त शराब को पदाधिकारी के निर्देश पर नष्ट कराया गया.बलथरी चेक पोस्ट एवं सबेया एयरपोर्ट पर मजिस्ट्रेट और दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति के बीच पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया.अधिकारियों के मुताबिक,नष्ट की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब करोड़ों रुपये के आस-पास है.
दरअसल, गोपालगंज बिहार का सीमावर्ती जिला है और यहां से होकर दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की बड़ी संख्या रहती है,ऐसे में शराब तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखना प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बनी रहती है.शराबबंदी कानून के बाद तस्करों ने भी अपनी रणनीति बदलने की कोशिश की है. पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्करी के दौरान अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं,लेकिन उत्पाद विभाग और पुलिस की निगरानी के चलते कई बार तस्करों की पूरी योजना धरी की धरी रह जाती है.
कहीं वाहन जांच के दौरान शराब की खेप पकड़ी जाती है,तो कहीं गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई कर तस्करों के मंसूबों को नाकाम किया जाता है.जब्त शराब के मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रशासन की ओर से उसे नष्ट भी कराया जा रहा है.
बलथरी चेक पोस्ट पर हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है.जेसीबी से शराब की बोतलों को कुचलते हुए यह तस्वीर साफ संदेश दे रही है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार जारी है.
एक तरफ शराब तस्कर नए रास्ते और नए तरीके तलाश रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस और उत्पाद विभाग भी लगातार अपनी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर रहा.फिलहाल 69 कांडों में जब्त 7500 लीटर देसी-विदेशी शराब को नष्ट कर दिया गया है,जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है.यानी जिस शराब को तस्कर चोरी-छिपे बाजार तक पहुंचाकर मोटी कमाई करना चाहते थे. वह अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद पूरी तरह नष्ट हो चुकी है.
गोपालगंज में शराब तस्करी के खिलाफ प्रशासन की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही जा रही है. तस्करों के नए-नए हथकंडों के बीच पुलिस और उत्पाद विभाग की चुनौती भी लगातार बढ़ रही है,लेकिन ताजा कार्रवाई यह बताने के लिए काफी है कि शराब की अवैध खेप चाहे जिस तरीके से छिपाकर लाई जाए।अगर प्रशासन की नजर पड़ गई तो उसे जब्त कर नष्ट किया जाएगा.

