कोडरमा:- आज नवरात्रि का तीसरा दिन है और आज मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा हो रही है। इस दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, मां दुर्गा का यह स्वरूप परम शांतिदायक और कल्याणकारी है। माता रानी के मस्तक में घण्टे के आकार का अर्धचंद्र विराजमान हैं, इस वजह से मां का नाम चंद्रघंटा पड़ा।


मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की आज होती है पूजा

कोडरमा में भी दुर्गा पूजा को लेकर जोश और उत्साह का माहौल दिख रहा है। झुमरी तिलैया के ताराटांड में विश्व प्रसिद्ध पशुपति नाथ मंदिर का स्वरूप तैयार किया जा रहा है। समिति इस वर्ष अपना 45वां दुर्गा पूजा आयोजित कर रही है।

मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की आज होती है पूजा

बता दे कि 45 साल पहले मन्नत पूरी होने पर यहां दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई थी। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति ताराटांड के अध्यक्ष अजय कुमार वर्मा ने बताया कि ताराटांड में वर्ष 1979 से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। ताराटांड निवासी आदित्य प्रसाद आर्या ने वंश प्राप्ति के लिए माता से मन्नत मांगा था।


उनकी मन्नत पूरी होने पर उन्होंने दुर्गा पूजा की शुरुआत हुई थी। आदित्य प्रसाद आर्या के निधन के बाद उनके परिवार के लोगों ने जमीन सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति, ताराटांड को ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद से लगातार यहाँ सार्वजनिक तौर पर दुर्गा पूजा आयोजित की जा रही है।